PM Awas Yojana
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत हजारों परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में 10,549 नए आवासों के निर्माण से जुड़ी 114 परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इन परियोजनाओं की कुल लागत 410 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है, जिससे प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलेगा।
रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव विकासशील ने की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत आवास निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
आवास निर्माण के लिए ऋण प्रक्रिया होगी आसान
मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। कई बार बैंक ऋण मिलने में देरी होने के कारण आवास निर्माण कार्य प्रभावित होता है।
उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग को भी निर्देशित किया कि जिन लोगों के आवास स्वीकृत हो चुके हैं, उनके लिए विशेष शिविर आयोजित कर बैंक ऋण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया जाए।
हितग्राहियों को कितनी मिलेगी सहायता?
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत:
- केंद्र सरकार से 1.50 लाख रुपए की सहायता।
- राज्य सरकार से 1 लाख रुपए का अनिवार्य अंशदान।
- गृह प्रवेश के बाद मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32,850 रुपए अतिरिक्त।
- डीपीआर और पीएमसी शुल्क के लिए 6,150 रुपए की सहायता।
इस तरह एक लाभार्थी को घर निर्माण के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहयोग मिलेगा।
144 नगरीय निकायों में बनेंगे नए मकान
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत 10,549 हितग्राहियों के लिए नए आवास निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
परियोजना के प्रमुख आंकड़े:
- कुल हितग्राही: 10,549
- कुल परियोजनाएं: 114
- नगरीय निकाय: 144
- कुल लागत: 410.35 करोड़ रुपए
- केंद्रांश: 158.23 करोड़ रुपए
- राज्यांश: 146.63 करोड़ रुपए
- हितग्राही अंशदान: 105.49 करोड़ रुपए
गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास स्वयं का सुरक्षित आवास नहीं है। योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल हजारों परिवारों का घर का सपना पूरा होगा, बल्कि निर्माण गतिविधियों में तेजी आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार की प्राथमिकता है ‘हर परिवार को घर’
बैठक में शामिल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैंकिंग प्रक्रिया को सरल बनाकर और प्रशासनिक समन्वय बढ़ाकर आवास निर्माण की गति को और तेज किया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत प्रस्तावित ये परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के शहरी विकास और आवासीय सुविधाओं को नई दिशा देने की ओर एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। आने वाले समय में हजारों परिवार अपने सपनों के घर में प्रवेश कर सकेंगे।