दिल्ली में प्रदूषण से निपटने बिल्कुल नया प्रयोग, जानिए कहां किया गया ड्रोन से पानी का छिड़काव;

दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को शहर के आनंद विहार इलाके में प्रायोगिक तौर पर ड्रोन से पानी का छिड़काव किया। आनंद विहार शहर के सर्वाधिक प्रदूषित इलाकों में से एक है और शुक्रवार को यहां का AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 415 के स्तर तक पहुंच गया। इस प्रयोग के दौरान मौजूद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सर्वाधिक प्रदूषित इलाकों में AQI शहर के औसत स्तर से अधिक है।

इस मौके पर राय ने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में 200 से अधिक ‘एंटी-स्मॉग गन’ तैनात हैं जिनसे हवा की धूल को कम करने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यदि परीक्षण सफल रहा तो दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) अधिक ड्रोन खरीदने पर विचार कर सकती है।

इस प्रयोग को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए गोपाल राय ने लिखा, ‘दिल्ली सरकार पूरी दिल्ली में एंटी स्मॉग गन्स से पानी का छिड़काव कर रही है लेकिन आज आनंद विहार में ‘ड्रोन बेस्ड मिस्ट स्प्रेइंग’ का प्रदर्शन किया गया है।’

आगे उन्होंने बताया कि ‘अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो हमें इससे बाकी जगहों पर छिड़काव करेंगे जहां Anti Smog Guns नहीं जा सकती हैं।’

राय ने कहा, ‘यदि हमें आज के परीक्षण के अच्छे परिणाम मिले तो हम अतिरिक्त ड्रोन खरीदने के लिए औपचारिक निविदाएं जारी करेंगे।’ परीक्षण में प्रयुक्त ड्रोन 15 लीटर तक पानी ले जा सकता है तथा वायु में उपस्थित प्रदूषकों को नियंत्रित करने के लिए इसी पानी को छोड़ सकते हैं, विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले तथा दुर्गम क्षेत्रों में।

राय ने कहा कि पानी का छिड़काव वाले ड्रोन की प्रभावशीलता पर एक रिपोर्ट पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को सौंपी जाएगी ताकि आगे के कदमों का आकलन किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रायोगिक तौर पर किया जा रहा पानी का यह छिड़काव 25 सितंबर को प्रस्तुत व्यापक शीतकालीन कार्य योजना का हिस्सा है जो शीतकालीन प्रदूषण के प्रबंधन के लिए 21 प्रमुख कार्यों पर केंद्रित है।

राय के अनुसार दिल्ली के सबसे अधिक प्रदूषण वाले 13 स्थानों के लिए विशिष्ट कार्य योजनाएं बनाई गई हैं जहां 13 समन्वय टीमें प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों से निपटेंगी। मंत्री ने कहा कि सड़कों और खुले क्षेत्रों में धूल को नियंत्रित करने के लिए इन अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों में 80 गतिशील एंटी-स्मॉग गन और 68 स्थिर एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं।

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली नगर निगम को इन क्षेत्रों में निरीक्षण तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि 13 विभागों के अधिकारी प्रदूषण रोकने वाले दिशानिर्देशों के पालन की जांच के लिए शहर भर में निर्माण स्थलों की निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय राजधानी के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में 200 गतिशील एंटी-स्मॉग गन काम कर रही हैं, जबकि हवा में धूल से निपटने के लिए ऊंची इमारतों के ऊपर 146 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं।

राय ने कहा, ‘ड्रोन प्रौद्योगिकी प्रदूषण स्रोतों को लक्षित करने और नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करती है, विशेष रूप से घने शहरी स्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में जहां पारंपरिक छिड़काव संभव नहीं है।’

दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रतिदिन खराब होती जा रही है तथा वर्तमान में 15 से अधिक निगरानी केन्द्र AQI के स्तर को ‘गंभीर’ श्रेणी में बता रहे हैं। AQI 0-50 को ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 के बीच को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

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