अवैध रेत परिवहन
गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही (GPM) जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई मरवाही क्षेत्र के पीपरडोल और दुपटिया इलाके में की गई, जहां बिना वैध दस्तावेजों के रेत और गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
जिला प्रशासन लगातार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर निगरानी बनाए हुए है। इसी अभियान के तहत खनिज विभाग की टीम ने जांच के दौरान कई वाहनों को रोका और दस्तावेजों की जांच की। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर 7 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
मरवाही क्षेत्र में हुई कार्रवाई
प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई मुख्य रूप से मरवाही विकासखंड के पीपरडोल और दुपटिया क्षेत्र में की गई।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु:
- रेत और गिट्टी का अवैध परिवहन पकड़ा गया।
- कुल 7 वाहन जब्त किए गए।
- वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू।
- खनिज विभाग ने प्रकरण दर्ज किया।
- आगे की जांच जारी है।
प्रशासन का कहना है कि अवैध खनिज कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किस कानून के तहत दर्ज हुआ मामला?
सहायक खनि अधिकारी के अनुसार, जब्त वाहनों के मालिकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
इस अधिनियम के तहत:
- अवैध खनिज परिवहन दंडनीय अपराध है।
- दोषियों पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
- नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन जब्त किए जा सकते हैं।
- गंभीर मामलों में अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
वाहन छोड़ने के लिए पूरी करनी होगी यह प्रक्रिया
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त वाहनों को तत्काल नहीं छोड़ा जाएगा।
वाहन मालिकों को:
- निर्धारित अर्थदंड जमा करना होगा।
- समझौता राशि का भुगतान करना होगा।
- सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही वाहनों को रिलीज किया जाएगा।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
जिला कलेक्टर ने खनिज विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए।
कलेक्टर ने कहा कि:
- अवैध उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- अवैध परिवहन करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा।
- अवैध भंडारण के मामलों में भी कार्रवाई जारी रहेगी।
- नियमित निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जाएंगे।
क्यों बढ़ रही हैं ऐसी कार्रवाई?
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रेत, गिट्टी और अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इससे शासन को राजस्व का नुकसान होता है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
मरवाही क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी मानी जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
जिले में आने वाले दिनों में भी ऐसे विशेष अभियान चलाए जाने की संभावना है, जिससे अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।