सुशासन तिहार
छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार 2026 का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेशभर में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के एक 74 वर्षीय बुजुर्ग को बड़ी राहत मिली है। सुनने की समस्या से लंबे समय से परेशान ग्राम पंचायत पीढ़ा के कोटवार श्री जानकी को प्रशासन द्वारा श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया, जिससे उनके जीवन में नया बदलाव आया है।
आवेदन के बाद तुरंत हुई कार्रवाई
सुशासन तिहार के दौरान श्री जानकी ने अपनी श्रवण संबंधी समस्या को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया था। उम्र बढ़ने के साथ उन्हें सुनने में काफी कठिनाई होने लगी थी, जिसके कारण दैनिक जीवन के सामान्य कार्य भी प्रभावित हो रहे थे।
जैसे ही आवेदन प्रशासन के पास पहुंचा, संबंधित विभागों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और जल्द ही उन्हें हियरिंग एड उपलब्ध करा दिया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बुजुर्ग की बड़ी समस्या का समाधान कर दिया।
श्रवण यंत्र मिलने से बदली जिंदगी
श्रवण यंत्र मिलने के बाद श्री जानकी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से सुनने में परेशानी होने के कारण उन्हें लोगों से बातचीत करने और जरूरी सूचनाएं समझने में दिक्कत होती थी।
अब श्रवण यंत्र की मदद से उन्हें कई सुविधाएं मिल रही हैं:
- लोगों की बातें स्पष्ट सुन पा रहे हैं।
- दैनिक कार्यों को आसानी से कर पा रहे हैं।
- परिवार और ग्रामीणों से संवाद बेहतर हुआ है।
- सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने में सुविधा मिल रही है।
- आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।
उन्होंने शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
सुशासन तिहार बना आम जनता की उम्मीद
सुशासन तिहार 2026 का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। प्रदेशभर से प्राप्त आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है, जिसके कारण लोगों का विश्वास शासन-प्रशासन के प्रति और मजबूत हुआ है।
इस अभियान के तहत विभिन्न प्रकार की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- सामाजिक सुरक्षा संबंधी सहायता
- स्वास्थ्य सुविधाएं
- राजस्व प्रकरणों का समाधान
- पेंशन और प्रमाण पत्र संबंधी कार्य
- दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सहायता
प्रशासन की संवेदनशील पहल
सूरजपुर जिले का यह मामला दर्शाता है कि यदि शिकायतों और आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए तो जरूरतमंद लोगों तक राहत बहुत तेजी से पहुंच सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए ऐसी पहल जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।