महासमुंद जिले में पुलिस ने ऑपरेशन निश्चय के तहत एक बड़े गांजा तस्करी रैकेट को नष्ट कर दिया है। एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई में 912.760 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4.56 करोड़ रुपये है। यह गांजा एक आईशर प्रो 2059 वाहन में छुपाकर तस्करी की जा रही थी, जो कि केले के बीच लोड किया गया था। पुलिस की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से इस तस्करी को विफल किया गया।
महासमुंद पुलिस की कार्रवाई
महासमुंद पुलिस ने ओडिशा से एक वाहन में गांजा की तस्करी की सूचना मिलने के बाद तुरंत नाकाबंदी की। जब पुलिस ने वाहन को रोका और सघन तलाशी ली, तो उन्हें केले की बोरियों के बीच 29 बोरियों में छुपाकर रखा हुआ गांजा मिला। कुल 912.760 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जो एक बड़ी तस्करी की कोशिश को नाकाम करता है।
जब्त की गई संपत्ति:
- गांजा: 912.760 किलोग्राम (कीमत ₹4,56,38,000)
- वाहन: आईशर प्रो 2059 (कीमत ₹10,00,000)
- मोबाइल फोन: 2 नग (कीमत ₹7,000)
- फर्जी नंबर प्लेट्स: 4 नग (OD 02 DJ 8517 और UP 93 CT 8365)
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने वाहन चालक अब्दुल नईम को गिरफ्तार कर लिया। अब्दुल नईम, जो झारखंड के जमशेदपुर का निवासी है, के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए विधिवत कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांजा तस्करी की रोकथाम:
महासमुंद पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई को तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना है। ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस लगातार जांच और नाकाबंदी की कार्यवाही कर रही है, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी को पूरी तरह से रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ पूरी तरह से सतर्क हैं और आगे भी ऐसी कार्यवाहियों को जारी रखेंगे।
सारांश
महासमुंद पुलिस की यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर एक बड़ी जीत मानी जा रही है। यह ऑपरेशन न केवल तस्करों के खिलाफ प्रभावी कदम है, बल्कि यह दिखाता है कि पुलिस विभाग इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।