मानसून से पहले स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट! दस्त, मलेरिया और पीलिया से बचने के लिए तुरंत अपनाएं ये उपाय

मौसमी बीमारियां

मानसून की शुरुआत के साथ ही मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में उत्तर बस्तर कांकेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में दस्त, उल्टी, मलेरिया, पीलिया और अन्य संक्रामक रोग तेजी से फैल सकते हैं। समय पर बचाव और उपचार नहीं मिलने पर ये बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं।

बारिश के मौसम में क्यों बढ़ता है खतरा?

मानसून के दौरान दूषित पानी, गंदगी और मच्छरों की संख्या बढ़ने से संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहती है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

डॉ. ठाकुर ने बताया कि दस्त की समस्या होने पर व्यक्ति को बार-बार शौच जाना पड़ता है और मल पतला या तरल हो जाता है। यदि यह समस्या 2 से 3 दिनों से अधिक समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दस्त होने पर तुरंत करें ये काम

यदि किसी व्यक्ति को दस्त की शिकायत हो तो शरीर में पानी की कमी होने से रोकना सबसे जरूरी है।

घरेलू उपाय

  • ओआरएस (जीवन रक्षक घोल) का सेवन करें।
  • नारियल पानी पीते रहें।
  • नमकीन लस्सी का सेवन करें।
  • नींबू पानी या शिकंजी लें।
  • चावल का मांड पिएं।
  • हल्की चाय और दाल का पानी लें।
  • पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीते रहें।

ये उपाय शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।

मौसमी बीमारियों से बचाव के आसान उपाय

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी है—

खानपान में सावधानी

  • खाने-पीने की सभी वस्तुओं को ढंककर रखें।
  • बासी भोजन का सेवन न करें।
  • सड़े-गले फल और खराब खाद्य पदार्थों से बचें।
  • हमेशा ताजा और स्वच्छ भोजन खाएं।

सुरक्षित पानी का उपयोग करें

  • पानी को उबालकर पिएं।
  • क्लोरीन की गोली डालकर पानी को शुद्ध करें।
  • खुले और संदिग्ध स्रोतों का पानी पीने से बचें।

स्वच्छता रखें

  • भोजन करने से पहले हाथ साबुन से धोएं।
  • शौच के बाद हाथों की अच्छी तरह सफाई करें।
  • घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
  • पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों का प्रकोप न बढ़े।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि दस्त 3 दिन से अधिक समय तक बना रहे, तेज बुखार हो, उल्टी बढ़ जाए या शरीर में कमजोरी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

नागरिक प्रारंभिक परामर्श के लिए 104 आरोग्य सेवा केंद्र पर निःशुल्क सलाह प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में भी संपर्क किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को भी गंभीरता से लें। समय पर सावधानी और उपचार से अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और संतुलित खानपान अपनाकर स्वस्थ मानसून का आनंद लिया जा सकता है।

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