धमतरी
धमतरी अब केवल छत्तीसगढ़ का एक कृषि प्रधान जिला नहीं रह गया है, बल्कि तेजी से प्रदेश के सबसे बड़े वेयरहाउसिंग और कृषि लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है। किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण, बेहतर परिवहन व्यवस्था और आधुनिक अधोसंरचना के जरिए जिले की आर्थिक तस्वीर बदलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 60 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता का निर्माण धमतरी को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला है।
रिकॉर्ड खरीदी ने बदली विकास की दिशा
रबी विपणन वर्ष 2026 में धमतरी जिले ने कृषि क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया। जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की खरीदी की गई। इसके बदले किसानों को 60.54 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि जिले में कृषि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और किसानों का भरोसा सरकारी खरीद व्यवस्था पर मजबूत हुआ है।
खरीदी के प्रमुख आंकड़े
- 9,103 किसानों ने उपज बेची
- 1.16 लाख क्विंटल से अधिक चने की खरीदी
- 60.54 करोड़ रुपये का भुगतान
- सरसों और मसूर की भी सफल खरीद
भंडारण संकट से मिली बड़ी राहत
पिछले वर्षों में रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद धमतरी को एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता था। जिले में पर्याप्त गोदाम नहीं होने के कारण किसानों की उपज को दूसरे जिलों में भेजना पड़ता था। इससे परिवहन लागत बढ़ती थी और किसानों व सहकारी समितियों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब इस समस्या का स्थायी समाधान तैयार किया जा रहा है।
30 हजार मीट्रिक टन की नई भंडारण क्षमता
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और Chhattisgarh State Warehousing Corporation के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है।
कहां बन रहे हैं नए गोदाम?
केंद्र सरकार की “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” के तहत चार पैक्स समितियों का चयन किया गया है:
- अंवरी
- कोसमर्रा
- पोटियाडीह-आमदी
- कोलियारी
इन सभी स्थानों पर 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं।
इससे:
- ग्रामीण क्षेत्रों में 10,000 MT अतिरिक्त भंडारण मिलेगा
- किसानों को उपज रखने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा
- फसल की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी
धमतरी और कुरूद में बनेंगे मेगा वेयरहाउस
राज्य भंडारण गृह निगम द्वारा:
- धमतरी में 10,000 MT का गोदाम
- कुरूद में 10,000 MT का गोदाम
निर्माणाधीन हैं।
इसके अलावा Central Warehousing Corporation के पास पहले से ही 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता उपलब्ध है। नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद धमतरी प्रदेश के सबसे मजबूत भंडारण नेटवर्क वाले जिलों में शामिल हो जाएगा।
ब्रॉडगेज रेल लाइन से खुलेगा व्यापार का नया रास्ता
धमतरी के विकास को सबसे बड़ा फायदा जल्द शुरू होने वाली ब्रॉडगेज रेल कनेक्टिविटी से मिलने वाला है।
रेल सेवा शुरू होने के बाद:
- चावल और कृषि उत्पाद देशभर के बाजारों तक पहुंचेंगे
- परिवहन खर्च कम होगा
- व्यापारियों और राइस मिलर्स को लाभ मिलेगा
- कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी
राइस मिलर्स को मिलेगा सीधा फायदा
धमतरी लंबे समय से धान मिलिंग का प्रमुख केंद्र रहा है। नई भंडारण व्यवस्था से:
- मिलिंग गतिविधियां तेज होंगी
- धान और चावल के सुरक्षित भंडारण की सुविधा बढ़ेगी
- लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी
- व्यापारिक गतिविधियों में विस्तार होगा
रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल
वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विस्तार से जिले में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है।
इससे:
- स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा
- परिवहन और व्यापार क्षेत्र मजबूत होंगे
- सहकारी संस्थाओं की भूमिका बढ़ेगी
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी
धमतरी बनेगा कृषि-व्यापार का नया केंद्र
धमतरी में विकसित हो रही आधुनिक भंडारण व्यवस्था और रेल कनेक्टिविटी आने वाले वर्षों में जिले को छत्तीसगढ़ के प्रमुख कृषि-व्यापार एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित कर सकती है।
कृषि उत्पादन, वैज्ञानिक भंडारण, बेहतर विपणन और आधुनिक परिवहन सुविधाओं का यह संगम किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।