विजय शर्मा
रायपुर/कवर्धा। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma की संवेदनशील कार्यशैली का एक प्रेरणादायक उदाहरण कबीरधाम जिले में देखने को मिला। विकासखंड बोड़ला के एक कार्यक्रम में दिव्यांग युवक ने अपनी समस्या बताई और आवागमन के लिए स्कूटी की मांग की। उप मुख्यमंत्री ने न केवल उसकी बात गंभीरता से सुनी, बल्कि अगले ही दिन उसे सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
इस पहल से दिव्यांग युवक के जीवन में नई उम्मीद जगी है और शासन की जनकल्याणकारी सोच भी सामने आई है।
कार्यक्रम में रखी थी अपनी समस्या
जानकारी के अनुसार, कबीरधाम जिले के ग्राम बोरियाकांपा निवासी नंदकुमार पटेल, जो दिव्यांग हैं, ने ग्राम भलपहरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की।
उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि:
- आवागमन में उन्हें काफी कठिनाई होती है।
- दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
- यदि स्कूटी मिल जाए तो जीवन काफी आसान हो सकता है।
नंदकुमार की बात सुनते ही उप मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
अगले ही दिन मिली स्कूटी
उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद त्वरित कार्रवाई की गई और अगले ही दिन नंदकुमार को कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में विशेष सहायक उपकरण वाली स्कूटी प्रदान की गई।
इस दौरान:
- नंदकुमार को स्कूटी की चाबी सौंपी गई।
- स्कूटी के संचालन की जानकारी दी गई।
- उप मुख्यमंत्री ने स्वयं उन्हें स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण भी दिया।
यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी भावुक और प्रेरणादायक रहा।
स्कूटी मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास
स्कूटी प्राप्त करने के बाद नंदकुमार पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने दैनिक कार्यों, सामाजिक गतिविधियों और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी।
नंदकुमार ने कहा कि:
- अब वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
- दूसरों पर निर्भरता कम होगी।
- आत्मविश्वास और मनोबल में वृद्धि होगी।
- जीवन की कई कठिनाइयां आसान हो जाएंगी।
अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि:
- दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
- जरूरतमंद और वंचित वर्गों की सहायता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
- समय पर दी गई छोटी सहायता भी किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि दिव्यांगजनों को आवागमन की सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकते हैं।