PM Awas Yojana
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अपने सपनों का घर बना रहे सैकड़ों परिवार इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कोरबा नगर निगम क्षेत्र में पिछले तीन महीनों से आवास योजना की किस्तें जारी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य ठप पड़ गया है। नाराज हितग्राहियों ने नगर निगम पहुंचकर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा और लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है।
हितग्राहियों का कहना है कि समय पर राशि नहीं मिलने से उनके अधूरे मकान अब परेशानी का कारण बन गए हैं। कई परिवारों को मकान निर्माण जारी रखने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोगों ने अपनी जमा पूंजी और गहने तक बेच दिए हैं।
अधूरे मकानों के बीच फंसे परिवार
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने वाले कई परिवारों ने पुराने कच्चे मकान तोड़ दिए थे ताकि नए पक्के घर का निर्माण शुरू किया जा सके। लेकिन किस्तों के भुगतान में देरी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
स्थिति यह है कि:
- कई मकानों की छत का काम अधूरा है।
- प्लास्टर और फिनिशिंग का कार्य रुका हुआ है।
- निर्माण सामग्री खरीदने के लिए पैसे नहीं बचे हैं।
- परिवार आर्थिक दबाव में आ गए हैं।
हितग्राहियों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान मिल जाता तो अधिकांश मकानों का निर्माण पूरा हो चुका होता।
मजदूरों और ठेकेदारों का भुगतान भी अटका
किस्तों के भुगतान में देरी का असर केवल हितग्राहियों तक सीमित नहीं है। निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर, ठेकेदार और सामग्री सप्लायर भी प्रभावित हो रहे हैं।
हितग्राहियों के अनुसार:
- मजदूरों की मजदूरी का भुगतान लंबित है।
- ठेकेदार लगातार बकाया राशि मांग रहे हैं।
- सीमेंट, सरिया और अन्य सामग्री सप्लायर भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं।
- कई निर्माण कार्य पूरी तरह बंद हो चुके हैं।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
मानसून ने बढ़ाई चिंता
बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही हितग्राहियों की चिंता और बढ़ गई है। अधूरे मकानों में पानी भरने और निर्माण को नुकसान पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है।
कई परिवार ऐसे हैं जो पुराने घर तोड़ने के बाद किराए के मकानों में रह रहे हैं। उन्हें हर महीने किराया भी देना पड़ रहा है और अधूरे निर्माण का खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
पार्षदों ने भी उठाई आवाज
मामले को लेकर विभिन्न वार्डों के पार्षद भी हितग्राहियों के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर लंबित किस्तों का तत्काल भुगतान करने की मांग की है।
पार्षदों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। लेकिन भुगतान में लगातार हो रही देरी से योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है और लोगों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
हितग्राहियों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो नगर निगम कार्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उनका आरोप है कि फाइलें विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं और जिम्मेदार अधिकारी समाधान निकालने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
योजना में कैसे मिलती है राशि?
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पात्र हितग्राहियों को कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि चार चरणों में प्रदान की जाती है।
- पहली किस्त – 50,000 रुपये
- दूसरी किस्त – 1,00,000 रुपये
- तीसरी किस्त – 50,000 रुपये
- चौथी किस्त – 50,000 रुपये
हितग्राहियों का कहना है कि यदि किस्तों का भुगतान समय पर नहीं हुआ तो हजारों लोगों का घर बनाने का सपना अधूरा रह सकता है। अब सभी की नजर नगर निगम और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।