दीदी के गोठ
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा ‘दीदी के गोठ’ का भव्य वार्षिकोत्सव
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन चुके ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम ने अपनी एक वर्ष की सफल यात्रा पूरी कर ली है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में 09 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में ‘दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव–2026’ एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तत्वावधान में आयोजित होगा।
इस समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा करेंगे।
महिलाओं की प्रेरक सफलता को मिलेगा सम्मान
‘दीदी के गोठ’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा, संवाद और आत्मनिर्भरता का मंच बन चुका है। इस आयोजन में उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत और नेतृत्व क्षमता के दम पर समाज में नई पहचान बनाई है।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों को पूरे प्रदेश के सामने लाना और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
एक साल में बनी बदलाव की मजबूत पहचान
अगस्त 2025 में ‘दीदी के गोठ’ का पहला एपिसोड प्रसारित हुआ था, जिसका विषय ‘लखपति दीदी’ था। इसके बाद प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को अलग-अलग जिलों की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने अनुभव और सफलता की कहानियां साझा कीं।
इन एपिसोड्स में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं—
- लखपति दीदी
- ड्रोन दीदी
- किसान उत्पादक संगठन (FPC)
- वित्तीय साक्षरता
- साइबर सुरक्षा
- जेंडर समानता
- सरस मेला
- ‘छत्तीसकला’ ब्रांड
- महिला उद्यमिता
- आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां
इन विषयों ने हजारों ग्रामीण महिलाओं को नई दिशा देने का काम किया।
वार्षिकोत्सव में क्या होगा खास?
समारोह के दौरान पूरे वर्ष की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। साथ ही ‘दीदी के गोठ’ में भाग लेने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा और आगामी वर्ष की कार्ययोजना भी साझा की जाएगी।
मुख्य आकर्षण होंगे—
- मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति
- सफल महिलाओं का सम्मान समारोह
- ‘दीदी के गोठ’ की एक वर्ष की उपलब्धियों की प्रस्तुति
- विशेष वार्षिकोत्सव एपिसोड का प्रसारण
- महिला स्व-सहायता समूहों की प्रेरक कहानियां
- भविष्य की योजनाओं पर चर्चा
हजारों महिलाओं को मिला आत्मनिर्भर बनने का मंच
‘दीदी के गोठ’ ने बीते एक वर्ष में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस मंच के माध्यम से महिलाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ी है, नेतृत्व क्षमता विकसित हुई है और वे स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर तेजी से आगे बढ़ी हैं।
आज यह कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण का मजबूत अभियान बन चुका है।
सभी हितधारकों से शामिल होने की अपील
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने स्व-सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और महिलाओं की इस प्रेरणादायक यात्रा का हिस्सा बनें।