गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मूसलाधार बारिश और उफनती नदियों ने लोगों की मुश्किलें हद से ज्यादा बढ़ा दी हैं। ताजा मामला सरई भदर के पास का है, जहां रायपुर से देवभोग जा रही यात्रियों से भरी एक बस अचानक बाढ़ के पानी के बीचों-बीच फंस गई। बस में करीब 50 यात्री सवार थे, जिनकी सांसें पानी के तेज बहाव को देखकर अटक गई थीं। गनीमत यह रही कि समय रहते पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ से सभी की जान सुरक्षित बचा ली गई।
नेशनल हाईवे बंद होने पर बदला था रूट
मिली जानकारी के मुताबिक, इलाके में लगातार बारिश और खराब रास्तों के कारण मुख्य नेशनल हाईवे बंद चल रहा था। इसी वजह से बस चालक ने रायपुर से देवभोग जाने के लिए ‘मोहरा’ के रास्ते से गाड़ी निकालने की जोखिम भरी कोशिश की।
जैसे ही बस सरई भदर के पास एक नाले से गुजरने लगी, तभी अचानक पानी का बहाव तेजी से बढ़ गया और बस बीच नाले में ही फंस गई। देखते ही देखते बस के चारों तरफ सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और मौके पर हड़कंप जैसी स्थिति बन गई।
पुलिस और ग्रामीणों ने दिखाया अदम्य साहस
बस के बाढ़ में घिरे होने की खबर जैसे ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस तक पहुंची, फौरन अमला मौके पर दौड़ पड़ा। इसके साथ ही आसपास के जांबाज ग्रामीण भी मदद के लिए तुरंत आ पहुंचे।
हालात इतने खतरनाक थे कि कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी, लेकिन पुलिस के जवानों और ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नाले के तेज बहाव के बीच एक मजबूत रस्सी का सहारा लिया गया और एक-एक करके बस में फंसे सभी 50 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित जमीन पर आते देख लोगों ने राहत की सांस ली।
प्रशासन की सख्त अपील
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने एक बार फिर आम जनता और वाहन चालकों से कड़ी अपील की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि इस मानसूनी मौसम में जब भी नदी-नाले उफान पर हों, तो किसी भी सूरत में जोखिम न लें और पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।