रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और अमलेश्वर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका है। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते खारुन नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। महादेव घाट पुल के ऊपर करीब 2 फीट ऊपर तक पानी बह रहा है, जिससे दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया है। एक तरफ जहां सैलाब का रौद्र रूप लोगों को डरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस खतरनाक नजारे के बीच सेल्फी और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं।
बालोद से लेकर रायपुर तक मूसलाधार बारिश का असर
बता दें कि शिवनाथ नदी की प्रमुख सहायक मानी जाने वाली खारुन नदी का उद्गम बालोद जिले के गुरुर तहसील क्षेत्र से हुआ है। पिछले तीन दिनों से राजधानी समेत बालोद और आसपास के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण खारुन नदी पूरी तरह उफान पर है। गर्मियों के दिनों में जो नदी सिर्फ एक पतली धार बनकर रह जाती है, वही मानसून के सीजन में विकराल रूप धारण कर चुकी है।
नदी का यही डरावना और रोमांचक रूप देखने के लिए रायपुर के महादेव घाट और रायपुर-दुर्ग मार्ग पर स्थित खारुन पुल के पास भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग खतरे की परवाह किए बिना उफनते पानी के पास पहुंच रहे हैं।
पुलिस की समझाइश के बाद भी नहीं मान रहे लोग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महादेव घाट और पुल के आसपास पुलिस प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस लगातार लोगों को समझा-बुझाकर वहां से हटाने की कोशिश कर रही है, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। इसके बावजूद लोगों का उत्साह और लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है, जो प्रशासन और परिवार दोनों के लिए भारी चिंता का विषय बना हुआ है।
मौसम विभाग का अलर्ट, प्रशासन की सख्त अपील
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर समेत तमाम इलाकों में बारिश का दौर लगातार जारी है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से ऊपर आ रहा है।
प्रशासन ने आम जनता से फिर हाथ जोड़कर अपील की है कि खारुन नदी के बढ़े हुए जलस्तर और पुल पर बह रहे पानी के पास बिल्कुल न जाएं। सेल्फी लेने या वीडियो बनाने की जिद में अपनी जिंदगी दांव पर न लगाएं और प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।