अभनपुर: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों के लबालब होने के बाद अब हालात बेकाबू होने लगे हैं। बांधों से छोड़े जा रहे भारी जलप्रवाह के चलते महानदी उफान पर है, जिससे अभनपुर के गोबरा नवापारा इलाके में त्राहिमाम मच गया है। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बहते हुए अब सीधे गरीबों के आशियानों और मुख्य बाजारों तक पहुंच चुका है, जिससे लोगों की नींद उड़ गई है।
नेहरू घाट से लेकर सोमवारी बाजार तक जलमग्न
महानदी का जलस्तर बढ़ने से गोबरा नवापारा के निचले इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। प्रसिद्ध नेहरू घाट स्थित सब्जी बाजार पूरी तरह पानी में डूब चुका है। वहीं, सोमवारी बाजार की निचली बस्तियों में पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस गया है।
इंदिरा मार्केट से गंज रोड जाने वाले मुख्य मार्ग पर तो 5 से 10 फीट तक पानी भर चुका है, जिससे पूरा रास्ता समंदर में तब्दील हो गया है और आवागमन पूरी तरह ठप है। इसके अलावा शनि मंदिर और संतोषी माता मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास की कई दुकानों और घरों में सैलाब घुसने से दुकानदार अपना सामान बचाने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।
बांधों से छोड़ा गया रिकॉर्ड पानी, बढ़ गया खतरा
हालात बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह बड़े बांधों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी है:
- गंगरेल जलाशय 99 प्रतिशत से ज्यादा भर चुका है और यहां से करीब 3 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा गया है।
- सिकासार जलाशय 89 प्रतिशत भरने के बाद इसके 12 गेट 3 फीट तक खोलकर करीब 20 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
- इसके अलावा मुरुमसिल्ली (100% भरकर), दुधावा और सोंढूर बांधों से भी पानी छोड़े जाने के कारण महानदी का जलस्तर खतरनाक गति से ऊपर उठ रहा है।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें लोग
महानदी के इस विकराल रूप ने नवापारा और राजिम क्षेत्र के लोगों की सांसे अटका दी हैं। बाजार, सड़कें, मंदिर और बस्तियां जलभराव की चपेट में आ चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों के आसपास बिल्कुल न जाएं तथा पानी बढ़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।