बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के खपरगंज इलाके में हुए बहुचर्चित विवाद और पत्थरबाजी मामले में पुलिस ने एक और बहुत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले के दूसरे पक्ष के मुख्य आरोपी रामसिंह ठाकुर को धर दबोचा है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में अपने एक दोस्त के घर छिपकर रह रहा था।
पन्ना के ग्रामीण इलाके से हुई गिरफ्तारी
पुलिस जांच के दौरान जब यह सुराग मिला कि मुख्य आरोपी रामसिंह ठाकुर मध्यप्रदेश की सीमा में छिपा हुआ है, तो बिलासपुर पुलिस की टीम ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम माकरी कुठार में दबिश दी और उसके दोस्त के घर से उसे दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पत्थरबाजी की घटना में उसकी एग्जैक्ट भूमिका क्या थी और इस पूरे कांड में परदे के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसे लेकर पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है।
क्या था पूरा मामला? (28 अगस्त की रात का वाकया)
यह पूरा खौफनाक विवाद 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन की रात का है। दो पक्षों के बीच मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते दो गुटों के खूनी टकराव और भयानक पथराव में बदल गया था। इस उपद्रव के दौरान कई लोगों को पत्थरों की चोटें आई थीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस ने फौरन मोर्चा संभाला था। पुलिस ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन कैमरों और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से एक-एक उपद्रवी की पहचान की और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां शुरू कीं।
अब तक 30 आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
इससे पहले पुलिस ने एक पक्ष के मुख्य आरोपी सोहेल खान समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। रामसिंह ठाकुर के पकड़े जाने से पहले इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के कुल 29 आरोपी गिरफ्तार हो चुके थे। अब रामसिंह की गिरफ्तारी के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश भी तेजी से जारी है।