महाससमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को नशे के सौदागरों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ओडिशा की तरफ से आ रही एक इनोवा कार से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 81 लाख रुपये से ज्यादा के कुल मशरूके के साथ महाराष्ट्र के दो शातिर तस्करों को भी धर दबोचा है।
कैसे बिछाया गया जाल?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महासमुंद पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ओडिशा के रास्ते एक लग्जरी वाहन के जरिए अवैध गांजे की बड़ी खेप खपाने ले जाई जा रही है।
इस सूचना के आधार पर टीम ने बसना थाना क्षेत्र के अंतर्गत सघन नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार इनोवा कार (क्रमांक MH 04 GM 8841) वहां से गुजरी, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया।
कार की तलाशी में निकला 132 किलो गांजा
जब पुलिस ने रोकी गई इनोवा कार की बारीकी से तलाशी ली, तो उसमें छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। तौल कराने पर यह गांजा 132 किलोग्राम निकला, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 66 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही इनोवा कार, 2 मोबाइल फोन और अवैध गांजे को जब्त कर लिया है। जब्त किए गए कुल माल की कुल अनुमानित कीमत 81,20,000 रुपये (81.20 लाख) बताई जा रही है।
ओडिशा से पुणे ले जा रहे थे नशे की खेप
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के पुणे जिले के रहने वाले के रूप में हुई है:
- गणेश बाजे (पिता रामदास बाजे, उम्र 42 वर्ष), निवासी पिपलवंडी, जिला पुणे (महाराष्ट्र)
- विपुल भालेराव (पिता रामचंद्र भालेराव, उम्र 36 वर्ष), निवासी कलंब, जिला पुणे (महाराष्ट्र)
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे ओडिशा के कंधमाल जिले के तुमूड़ीबंध इलाके से इस गांजे की खेप को उठाकर सीधे महाराष्ट्र के पुणे शहर में बेचने के लिए ले जा रहे थे।
फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।