लकड़ी बीनने गई महिला पर टूटा मौत का कहर! आवारा कुत्तों ने नोच-नोचकर ली जान, प्रशासन पर उठे बड़े सवाल

आवारा कुत्तों का हमला

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां लकड़ी बीनकर परिवार का पेट पालने वाली 35 वर्षीय महिला लीला बाई की आवारा कुत्तों के हमले में मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजनों के अनुसार, लीला बाई रोजाना की तरह घर के चूल्हे के लिए लकड़ियां इकट्ठा करने निकली थीं, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

परिवार का सहारा थीं लीला बाई

बड़वानी के पाटी नाका टीन शेड क्षेत्र में रहने वाली लीला बाई अपने पति दिलीप बकावले के साथ परिवार का गुजारा करने में मदद करती थीं। आर्थिक तंगी के बीच वह रोज शाम को राजघाट रोड के आसपास लकड़ियां बीनने जाती थीं।

परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने का संघर्ष ही उनकी दिनचर्या बन चुका था। लेकिन शुक्रवार की शाम यह संघर्ष एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गया।

अचानक कुत्तों के झुंड ने किया हमला

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 5 बजे लीला बाई राजघाट रोड स्थित ईंट भट्टों के पास लकड़ियां इकट्ठा कर रही थीं। तभी आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक:

  • कुत्तों ने अचानक महिला को घेर लिया।
  • बचने की कोशिश में वह जमीन पर गिर गईं।
  • कुत्तों ने हाथ, पैर, पेट और गले पर गंभीर हमला किया।
  • महिला लगातार चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन आसपास मदद पहुंचने में देर हो गई।

चीख सुनकर दौड़े लोग

ईंट भट्टे में काम करने वाले एक मजदूर ने बताया कि उसने महिला की चीखें सुनीं और तुरंत मौके की ओर दौड़ा।

उसने:

  • पत्थर फेंककर कुत्तों को भगाने की कोशिश की।
  • आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया।
  • किसी तरह कुत्तों को वहां से हटाया।

लेकिन तब तक लीला बाई गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। अत्यधिक रक्तस्राव और गहरे घावों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है, लेकिन इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

लोगों का कहना है:

  • कई बार शिकायतें की गईं।
  • कुत्तों के झुंड लगातार लोगों पर हमला कर रहे हैं।
  • सुनसान क्षेत्रों में खतरा लगातार बढ़ रहा है।
  • नगरपालिका ने समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

बढ़ती चिंता का विषय बने आवारा कुत्ते

देश के कई शहरों और कस्बों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए संतुलित और वैज्ञानिक रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।

जरूरी कदम:

  • नसबंदी कार्यक्रमों को तेज किया जाए।
  • टीकाकरण अभियान चलाया जाए।
  • संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी हो।
  • नागरिक सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्य बातें

  • बड़वानी में 35 वर्षीय महिला लीला बाई की दर्दनाक मौत।
  • लकड़ी बीनने के दौरान आवारा कुत्तों ने किया हमला।
  • महिला के शरीर पर कई गंभीर घाव मिले।
  • स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश।
  • नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
  • आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या फिर चर्चा में।

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