खाद की कालाबाजारी
खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कृषि विभाग की विशेष जांच टीम ने जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों में छापेमार निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान 1500 से अधिक बोरी खाद जब्त की गई, जबकि दो प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
वंदना खाद भंडार में मिली गंभीर गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच टीम को शिकायत मिली थी कि प्रतिष्ठान में किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचा जा रहा है और खरीदारी के बाद कम्प्यूटराइज्ड बिल भी नहीं दिया जा रहा।
जांच में शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए—
- उर्वरक विक्रय लाइसेंस निलंबित किया
- 859 बोरी रासायनिक खाद जब्त की
- नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू की
अन्य प्रतिष्ठानों पर भी चला प्रशासन का डंडा
कृषि विभाग की जांच केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रही। नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित दो अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई।
पवार ट्रेडर्स
- 600 बोरी जैविक खाद जब्त
जय किसान ट्रेडर्स
- 100 बोरी जैविक खाद जब्त
दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निलंबित
कुरूद विकासखंड के चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान पाया गया कि—
- POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर था
- दुकान में उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी
- निर्धारित मूल्य सूची नहीं लगाई गई थी
इन नियम उल्लंघनों को गंभीर मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
खरीफ सीजन में क्यों बढ़ जाती है कालाबाजारी?
खरीफ फसलों की बुवाई के समय खाद और उर्वरकों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी अधिक कीमत वसूलने और स्टॉक छिपाने जैसी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
इससे किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है—
- निर्धारित मूल्य से अधिक भुगतान
- समय पर खाद नहीं मिलना
- नकली या निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों का खतरा
- खेती की लागत में वृद्धि
किसानों से प्रशासन की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय कुछ जरूरी सावधानियां जरूर बरतें।
खरीदारी के समय रखें ध्यान
- हमेशा पक्का और कम्प्यूटराइज्ड बिल लें
- निर्धारित मूल्य की जानकारी प्राप्त करें
- बिना बिल खाद न खरीदें
- किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत दें
यदि कोई व्यापारी अधिक कीमत वसूलता है या बिल देने से मना करता है, तो इसकी शिकायत कृषि विभाग या जिला प्रशासन को तत्काल की जा सकती है।
किसानों के हित में जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान खाद और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। कालाबाजारी, जमाखोरी और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।