जान्हवी कपूर के किरदार पर उठे सवालों के बीच Anu Aggarwal ने दी सलाह, बोलीं- एक्टर्स भी बदलाव की जिम्मेदारी लें

पेड्डी को लेकर जारी विवाद अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा है। फिल्म में अभिनेत्री जान्हवी कपूर के किरदार को लेकर उठे सवालों ने मनोरंजन उद्योग में महिलाओं की प्रस्तुति पर नई बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर अब 90 के दशक की चर्चित अभिनेत्री अनु अग्रवाल ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि बदलाव की जिम्मेदारी सिर्फ दर्शकों या फिल्म निर्माताओं की नहीं, बल्कि कलाकारों की भी है।

अनु अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए बताया कि ‘पेड्डी’ को लेकर हो रही चर्चा ने उन्हें अपने करियर के शुरुआती दिनों की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि करीब 30 साल पहले उन्होंने यह फैसला किया था कि किसी भी फिल्म को साइन करने से पहले वह उसकी पूरी कहानी और अपने किरदार को ध्यान से समझेंगी। अनु के मुताबिक, उस दौर में फिल्मों में महिलाओं को अक्सर सिर्फ आकर्षण का केंद्र बनाकर पेश किया जाता था।

अभिनेत्री ने युवा कलाकारों को खास संदेश देते हुए कहा कि उन्हें स्क्रिप्ट सुनते समय सवाल पूछने चाहिए और यदि किसी भूमिका या सीन में सम्मान से समझौता होता दिखे तो उसे अस्वीकार करने का साहस रखना चाहिए। उन्होंने लिखा कि कहानियां तभी बदलेंगी जब दर्शक बेहतर कंटेंट की मांग करेंगे, लेकिन उतना ही जरूरी यह भी है कि कलाकार ऐसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने से इनकार करें जो महिलाओं को केवल वस्तु के रूप में पेश करते हैं।

राम चरण अभिनीत फिल्म ‘पेड्डी’ रिलीज के बाद से विवादों में बनी हुई है। फिल्म में जान्हवी कपूर द्वारा निभाए गए ‘अचियम्मा’ के किरदार के कुछ सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि इन सीन्स में महिला पात्र का वस्तुकरण किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद निर्देशक बुची बाबू सना ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कभी किसी महिला पात्र का अपमान करना नहीं था और यदि दर्शकों को किसी सीन से असहजता हुई है तो वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं।

निर्देशक ने यह भी घोषणा की कि फिल्म के विवादित हिस्सों में बदलाव किया जाएगा। इस कदम का कई लोगों ने स्वागत किया है। वहीं अनु अग्रवाल की टिप्पणी ने इस बहस को और व्यापक बना दिया है। उनकी राय ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फिल्मों में महिलाओं की प्रस्तुति को लेकर सिर्फ दर्शकों और निर्माताओं ही नहीं, बल्कि कलाकारों की भी कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

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