अफीम-गांजा की अवैध खेती पर बड़ा एक्शन! कलेक्टर के सख्त निर्देश, जब्त वाहनों की होगी नीलामी

अवैध गांजा खेती

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले को नशामुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अफीम, गांजा, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती पर अब पहले से अधिक सख्त निगरानी रखी जाएगी। जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध खेती, तस्करी और नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें।

प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाना भी है।

अफीम और गांजा की खेती पर विशेष नजर

बैठक में कलेक्टर ने राजस्व, वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने मैदानी अमले को अफीम, गांजा और अन्य प्रतिबंधित फसलों की पहचान संबंधी प्रशिक्षण दें।

इसके लिए:

  • अवैध फसलों की तस्वीरें उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • कर्मचारियों को पहचान संबंधी जानकारी दी जाएगी।
  • संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी होगी।
  • संदिग्ध खेती की तत्काल जांच की जाएगी।

इससे अवैध खेती की समय रहते पहचान कर कार्रवाई करना आसान होगा।

एनडीपीएस एक्ट के तहत होगी सख्ती

बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त वाहनों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए।

मुख्य निर्देश:

  • जब्त वाहनों की राजसात प्रक्रिया तेज की जाए।
  • नीलामी संबंधी कार्रवाई में तेजी लाई जाए।
  • लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण किया जाए।
  • कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।

इस कदम से अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधनों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता बढ़ाने पर जोर

प्रशासन ने नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है।

बैठक में निर्देश दिए गए कि:

  • नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाए।
  • आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
  • अधिक लोगों तक उपचार सेवाएं पहुंचाई जाएं।
  • परामर्श और पुनर्वास कार्यक्रम मजबूत किए जाएं।

इस पहल का उद्देश्य नशे के शिकार लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

मेडिकल दुकानों की भी होगी जांच

औषधि नियंत्रण विभाग को नियंत्रित दवाओं की निगरानी के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

विभाग को कहा गया है कि:

  • लाइसेंस प्राप्त मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया जाए।
  • नियंत्रित दवाओं के स्टॉक का नियमित सत्यापन किया जाए।
  • रिकॉर्ड की जांच की जाए।
  • किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

इससे प्रतिबंधित या नियंत्रित दवाओं के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।

जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम

प्रशासन का मानना है कि अवैध खेती, तस्करी और नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर नियंत्रण के साथ-साथ पुनर्वास और जागरूकता कार्यक्रम भी समान रूप से जरूरी हैं।

इस अभियान के माध्यम से:

  • अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगेगा।
  • युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी।
  • कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
  • समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

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