बारनवापारा में अवैध शिकार पर बड़ा एक्शन! आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल, वन विभाग का सख्त संदेश

अवैध शिकार

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में बारनवापारा क्षेत्र में अवैध शिकार के एक मामले में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।

वन विभाग का कहना है कि प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध शिकार या वन अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

बारनवापारा क्षेत्र में हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार यह मामला बारनवापारा परियोजना मंडल के बार परिक्षेत्र अंतर्गत बसना सर्किल के लारीपुर बीट का है। वन विभाग को जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे अवैध शिकार में आरोपी की भूमिका सामने आई।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

  • विशेष अभियान के दौरान जांच तेज की गई।
  • साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान हुई।
  • आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
  • न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।
  • मामले की आगे जांच जारी है।

वन अधिकारियों ने बताया कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

कौन है गिरफ्तार आरोपी?

वन विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनोहर यादव (32 वर्ष) निवासी ग्राम पड़कीपाली के रूप में हुई है।

जांच में आरोपी की संलिप्तता पाए जाने के बाद:

  • पूछताछ की गई।
  • आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई।
  • कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई।

इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला

वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

यह कानून:

  • वन्यजीवों के शिकार पर रोक लगाता है।
  • संरक्षित प्रजातियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
  • अवैध शिकार और वन्यजीव व्यापार को दंडनीय अपराध मानता है।
  • दोषियों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान करता है।

वन विकास निगम की जीरो टॉलरेंस नीति

वन विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि वन अपराधों को लेकर विभाग की नीति पूरी तरह “जीरो टॉलरेंस” की है।

विभाग द्वारा किए जा रहे प्रमुख प्रयास:

  • संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त।
  • विशेष निगरानी अभियान।
  • वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग।
  • अवैध शिकार और तस्करी पर नजर।
  • सूचना तंत्र को मजबूत करना।

अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के अंगों के अवैध व्यापार और शिकार से जुड़े नेटवर्क पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

जांच के तहत:

  • संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
  • संभावित आरोपियों से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
  • आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।

विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा।

नागरिकों से की गई विशेष अपील

वन विकास निगम ने आम लोगों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।

नागरिकों से आग्रह किया गया है कि:

  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।
  • वन्यजीवों के शिकार या तस्करी की सूचना साझा करें।
  • जैव विविधता संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
  • पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहयोग करें।

वन्यजीव संरक्षण के लिए सख्त संदेश

बारनवापारा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई उन लोगों के लिए स्पष्ट चेतावनी है जो वन्यजीवों के शिकार या अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। वन विभाग ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण से समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

वन्यजीव केवल जंगलों की पहचान नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता की महत्वपूर्ण कड़ी भी हैं। ऐसे में उनका संरक्षण समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

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