“अवैध धान परिवहन पर बड़ा एक्शन: बसना के पटवारी लालकृष्ण देवांगन निलंबित, प्रशासन ने दिखाई सख्ती”

अवैध धान परिवहन


अवैध धान परिवहन: प्रशासन का सख्त संदेश

छत्तीसगढ़ में अवैध धान परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। महासमुन्द जिले की तहसील बसना में सामने आए एक गंभीर मामले में राजस्व विभाग के पटवारी लालकृष्ण देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक अनुशासन की मिसाल है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि सरकारी व्यवस्था में लापरवाही और मिलीभगत को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


क्या है पूरा मामला?

राजस्व पटवारी संघ, तहसील बसना के पत्र के अनुसार, यह मामला 21 दिसंबर 2025 की रात्रि का है। जानकारी के मुताबिक:

  • ग्राम उमरिया क्षेत्र में
  • ओड़िशा राज्य के एक वाहन द्वारा
  • 420 कट्टा धान का अवैध परिवहन किया जा रहा था
  • इस दौरान तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर 20 के प्रभारी श्री लालकृष्ण देवांगन द्वारा
  • अवैध परिवहन रोकने में गंभीर लापरवाही बरती गई

यह घटना बाद में दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई, जिससे शासन-प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचा।


प्रशासन ने कैसे की कार्रवाई?

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए:

  • 8 जनवरी 2026 को
  • अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बसना द्वारा
  • पटवारी को कारण बताओ सूचना जारी की गई

हालांकि, पटवारी द्वारा प्रस्तुत जवाब को असंतोषजनक पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने अपने शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती है।


किन नियमों के तहत हुआ निलंबन?

प्रशासनिक जांच के बाद निम्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई:

  • छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली, भाग-एक में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग
  • छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966
  • नियम 09, उपनियम (1)(क)

इन प्रावधानों के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना श्री हरीशंकर पैंकरा द्वारा श्री लालकृष्ण देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।


निलंबन अवधि में क्या व्यवस्था रहेगी?

निलंबन आदेश के अनुसार:

  • निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय बसना नियत किया गया है
  • उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा
  • आगे की विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी

क्यों अहम है यह कार्रवाई?

अवैध धान परिवहन केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि:

  • किसानों के अधिकारों पर चोट
  • राज्य के राजस्व को नुकसान
  • और पूरी खरीदी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल

इसी कारण प्रशासन अब इस तरह के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपना रहा है।


आम जनता में क्या संदेश गया?

इस कार्रवाई से यह संदेश साफ गया है कि:

  • सरकारी पद पर रहते हुए कर्तव्य में लापरवाही स्वीकार्य नहीं
  • अवैध गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता पर सख्त दंड मिलेगा
  • प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए प्रतिबद्ध है

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