आदिवासी हितों पर बड़ा एक्शन: उच्च स्तरीय समिति गठित, फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर कसा जाएगा शिकंजा!


आदिवासी नीति


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छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों के समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह बैठक अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से जुड़े मामलों के बेहतर क्रियान्वयन और उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है।

📌 उच्च स्तरीय समिति का गठन

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि आदिवासी हितों से जुड़े सभी मुद्दों के समन्वित अध्ययन और समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी।

इस समिति में शामिल होंगे—

  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव
  • वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव
  • सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव
  • आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के सचिव
  • खनिज विभाग के सचिव

इस समिति का उद्देश्य अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाना है।


📌 फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सख्त रुख

बैठक में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामलों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि—

  • फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी या प्रमोशन पाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
  • जांच प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया जाए
  • सभी विभाग मिलकर इस पर निगरानी रखें

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


📌 PESA कानून का प्रभावी क्रियान्वयन

अनुसूचित क्षेत्रों में लागू PESA Act 1996 और राज्य के PESA नियम 2022 को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसके तहत—

  • अधिकारियों और कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण
  • ग्रामीण स्तर पर कानून की सही जानकारी
  • स्थानीय प्रशासन की भूमिका को मजबूत करना

📌 आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति में सुधार

बैठक में आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना पर भी चर्चा हुई। निर्देश दिए गए कि—

  • छात्रवृत्ति योजनाओं को वर्तमान जरूरतों के अनुसार अपडेट किया जाए
  • केंद्र सरकार को संशोधन प्रस्ताव भेजा जाए
  • छात्रों को समय पर और पारदर्शी लाभ मिले

📌 अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • आदिवासी सलाहकार परिषद से जुड़े विषयों पर विचार
  • विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
  • योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा

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