नक्सल पीड़ित परिवार
कांकेर में नक्सल पीड़ित परिवारों से मिले डिप्टी सीएम विजय शर्मा
छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और शहीद जवानों के परिजनों के सम्मान और पुनर्वास को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विजय शर्मा ने कांकेर कलेक्ट्रेट परिसर में नक्सली पीड़ित परिवारों और शहीद जवानों के आश्रितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
शहीदों की याद में बनेंगे स्मारक
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेशभर में शहीद जवानों की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इसके तहत:
- गांवों में शहीदों के नाम पर सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे।
- चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों का नामकरण शहीदों के नाम पर किया जाएगा।
- नक्सली घटनाओं वाले स्थानों पर स्मारक स्थापित किए जाएंगे।
- आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान से प्रेरणा देने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि देश और समाज के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को सम्मानित करना हर नागरिक का दायित्व है।
हर बुधवार होगी शहीद परिवारों से मुलाकात
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के पुलिस अधीक्षक प्रत्येक बुधवार को नक्सल पीड़ित परिवारों और शहीदों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य है:
- समस्याओं की नियमित समीक्षा।
- लंबित मामलों का जल्द समाधान।
- प्रभावित परिवारों को प्रशासन से सीधा संवाद का अवसर।
- सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करना।
प्रधानमंत्री आवास योजना का मिलेगा लाभ
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पात्र शहीद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए।
इसके तहत:
- पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।
- आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति में प्राथमिकता मिलेगी।
- सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा।
- पुनर्वास संबंधी प्रक्रियाओं को तेज किया जाएगा।
शहीद स्मारकों के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान
राज्य सरकार ने शहीद स्मारकों के निर्माण के लिए विशेष बजट भी तय किया है।
मुख्य बिंदु:
- स्मारकों के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- सभी जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्मारक निर्माण।
- शहीदों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास।
- सम्मान और प्रेरणा दोनों को साथ लेकर चलने की पहल।
सांसद भोजराज नाग ने साझा किया अपना अनुभव
कार्यक्रम में उपस्थित भोजराज नाग ने कहा कि वे स्वयं नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और पीड़ित परिवारों की पीड़ा को अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की रणनीति के कारण प्रदेश में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है और अब कई क्षेत्रों में लोग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- शालिनी राजपूत
- विक्रम उसेंडी
- निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर
- आकाश श्रीश्रीमाल
सरकार का संदेश साफ
राज्य सरकार ने इस पहल के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि नक्सल हिंसा में प्रभावित परिवार और शहीद जवानों के परिजन अकेले नहीं हैं। उनके सम्मान, पुनर्वास और भविष्य की जिम्मेदारी सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निभाने के लिए तैयार है। शहीदों के बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।