NH-130 फोरलेन
राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (NH-130) के चौड़ीकरण और फोरलेन निर्माण परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। परियोजना को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में भूमि की खरीद-फरोख्त, हस्तांतरण, खाता विभाजन और व्यपवर्तन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जारी आदेश के बाद प्रभावित गांवों के भूमि मालिकों और निवेशकों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा-शिवनगर-अंबिकापुर मार्ग के उन्नयन और फोरलेन निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कई क्षेत्रों में बायपास, री-अलाइनमेंट और सड़क चौड़ीकरण किया जाना है। इसके लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी।
क्यों लगाई गई जमीन लेन-देन पर रोक?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर ने जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में बताया गया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान लगातार हो रहे क्रय-विक्रय, नामांतरण और खाता विभाजन के कारण स्वामित्व सत्यापन और मुआवजा निर्धारण में कई प्रकार की जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में भूमि संबंधी सभी प्रमुख लेन-देन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
किन गतिविधियों पर रहेगा प्रतिबंध?
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक निम्न कार्यों पर रोक रहेगी:
- जमीन की खरीद-फरोख्त
- भूमि का हस्तांतरण
- खाता विभाजन
- भूमि व्यपवर्तन (डायवर्जन)
- नामांतरण संबंधी प्रक्रियाएं
इस फैसले का उद्देश्य भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को विवादमुक्त और सुव्यवस्थित बनाना है।
किन क्षेत्रों की जमीनें होंगी प्रभावित?
प्रशासन के आदेश के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग-130 की मध्य रेखा से दोनों ओर 50-50 मीटर की सीमा के भीतर आने वाली जमीनों पर यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
तहसील उदयपुर के प्रभावित गांव
- साल्ही
- गुमगा
- डांड़गांव
- मनोहरपुर
- दावा
- विशुनपुर
- पण्डरीडांड़
- सोनतराई
- डूमरडीह
- उदयपुर
- झिरमिटी
- जजगा
तहसील लखनपुर के प्रभावित गांव
- अमगसी
- अंधला
- जुड़वानी
- केंवरा
- केंवरी
- लहपटरा
- रजपुरीकला
- सिंगीटाना
तहसील अंबिकापुर के प्रभावित गांव
- भिट्ठीकला
- जोगीबांध
- माझापारा
- मेन्ड्राकला
- सांड़बार
- सुन्दरपुर
- उदयपुर ढाब
री-अलाइनमेंट क्षेत्र भी प्रतिबंधित
केवल मुख्य मार्ग ही नहीं, बल्कि प्रस्तावित री-अलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली भूमि पर भी रोक लागू की गई है।
इन क्षेत्रों में शामिल हैं:
- नगर पंचायत लखनपुर
- ग्राम पंचायत हंसडांड़
- ग्राम पंचायत कुंवरपुर
इन क्षेत्रों की पूरी भूमि को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है।
क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्णय कई महत्वपूर्ण लाभ देगा:
- भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज होगी।
- मुआवजा निर्धारण में पारदर्शिता आएगी।
- फर्जी खरीद-बिक्री और विवादों पर रोक लगेगी।
- परियोजना समय पर पूरी होने में मदद मिलेगी।
- प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
NH-130 फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद सरगुजा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी। सड़क चौड़ीकरण से यात्रा समय कम होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा। इसके बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।