छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी समुदायों में शामिल हल्बा समाज को एक बड़ी सौगात मिली है। विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh ने राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
यह घोषणा पद्मश्री Govindram Nirmalkar ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केंद्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के शपथ ग्रहण एवं प्रथम सम्मेलन के दौरान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजजन उपस्थित रहे।
हल्बा समाज को बताया संगठित और जागरूक समुदाय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे जागरूक, शिक्षित और संगठित आदिवासी समुदायों में से एक है।
उन्होंने कहा कि समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए देश और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डॉ. रमन सिंह की प्रमुख बातें
- हल्बा समाज संगठनात्मक रूप से मजबूत है।
- समाज की सांस्कृतिक विरासत प्रेरणादायक है।
- राष्ट्र निर्माण में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
- नई पीढ़ी को शिक्षा और संस्कारों से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनके दायित्वों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
रेवाडीह में बनेगा नया सामुदायिक भवन
समाज की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने रेवाडीह क्षेत्र में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
सामुदायिक भवन से होने वाले लाभ
- सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधा
- समाज की बैठकों और आयोजनों का केंद्र
- युवाओं और महिलाओं के लिए गतिविधियों का मंच
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा
स्थानीय समाजजनों ने इस घोषणा का स्वागत किया और इसे समाज के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आदिवासी समाज के योगदान को किया याद
अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज ने देश के इतिहास में हमेशा प्रेरणादायक भूमिका निभाई है।
प्रमुख योगदान
- स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी
- जल, जंगल और जमीन की रक्षा
- प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
- सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्धन
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की परंपराएं और जीवनशैली पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
केंद्र सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख
कार्यक्रम में डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में आदिवासी समाज के विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया।
प्रमुख योजनाएं
- Janjatiya Gaurav Diwas
- एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय
- वनधन विकास केंद्र
- पीएम जनमन योजना
- धरती आबा उत्कर्ष ग्राम अभियान
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ाने का आह्वान
डॉ. सिंह ने समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण को प्राथमिकता दें।
उन्होंने समाज से अपील की
- युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ें
- महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएं
- सामाजिक एकता मजबूत करें
- सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं
उनका कहना था कि शिक्षित और जागरूक समाज ही विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।