उद्धव ठाकरे
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट को लेकर सियासी गलियारों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा जोरों पर है। इसी बीच राज्यसभा सांसद संजय राउत के एक बयान ने विवाद को और हवा दे दी है। राउत ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए करोड़ों रुपये की पेशकश की जा रही है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। फिर भी दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियों ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।
संजय राउत का बड़ा दावा
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को दल बदलने के लिए बड़ी रकम की पेशकश की गई है।
राउत ने दावा किया कि:
• सांसदों के लिए कथित तौर पर 50 करोड़ रुपये की डील तय की गई है।
• 15 करोड़ रुपये एडवांस के रूप में देने की पेशकश की गई।
• राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी में टूट की कोशिश की जा रही है।
राउत ने अपने बयान में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सांसदों की राजनीतिक कीमत पार्टी के नाम और संगठन की ताकत के कारण बढ़ी हुई है।
दिल्ली में क्यों बढ़ी हलचल?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद दिल्ली पहुंचे हुए हैं। खबरें हैं कि आने वाले दिनों में वे महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक:
• लोकसभा में शक्ति परीक्षण जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन राजनीतिक समीकरण बदलने की चर्चाएं हैं।
• कुछ सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने के दावे किए जा रहे हैं।
• दोनों पक्ष अपने-अपने सांसदों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है।
किन सांसदों के नाम चर्चा में?
मीडिया रिपोर्ट्स में जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें:
• नागेश पाटिल आष्टिकर
• संजय जाधव
• संजय देशमुख
• भाऊसाहेब वाकचुरे
• ओमराज निम्बालकर
शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में संजय दीना पाटिल का नाम भी चर्चा में है। हालांकि इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिंदे गुट का क्या कहना है?
शिवसेना के कुछ नेताओं का दावा है कि कई सांसदों के साथ बातचीत चल रही है और जल्द ही बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकता है। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे गुट ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
पार्टी सांसद अनिल देसाई ने कहा है कि सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में भरोसा रखते हैं और पार्टी में किसी तरह की टूट नहीं होने वाली है।
लोकसभा में कितनी है ताकत?
शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा में कुल 9 सांसद हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं:
• अरविंद सावंत
• अनिल देसाई
• संजय जाधव
• संजय देशमुख
• ओमराज निम्बालकर
पार्टी का दावा है कि उसके सभी सांसद संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं।
आगे क्या?
फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में सस्पेंस बना हुआ है। एक तरफ टूट की अटकलें हैं, तो दूसरी तरफ पार्टी नेतृत्व इन खबरों को अफवाह बता रहा है। आने वाले दिनों में यदि कोई आधिकारिक घोषणा या समर्थन पत्र सामने आता है, तो महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि मानसून सत्र से पहले यह सियासी घटनाक्रम किस दिशा में जाता है और क्या वास्तव में उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगने वाला है।