छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 एकड़ 75 डिसमिल भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। रामचंद्रपुर विकासखंड के दो गांवों में बुधवार सुबह चली इस कार्रवाई के दौरान 23 मकानों को हटाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और सरकारी जमीनों पर कब्जे के खिलाफ सख्त संदेश भी गया।
सुबह से शुरू हुआ अभियान
जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों की संयुक्त टीम सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी। प्रशासन ने पहले से तय योजना के तहत बुलडोजर और अन्य संसाधनों की मदद से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पूरे अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहे, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
कार्रवाई से पहले पूरी की गई कानूनी प्रक्रिया
प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। इसके तहत:
भूमि का अभिलेखीय परीक्षण कराया गया।
सीमांकन और विस्तृत सर्वेक्षण किया गया।
अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद नोटिस जारी किए गए।
कब्जाधारियों को स्वेच्छा से भूमि खाली करने का अवसर दिया गया।
निर्धारित समय पूरा होने के बाद कार्रवाई की गई।
अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया नियमों और प्रशासनिक दिशानिर्देशों के अनुरूप संपन्न की गई।
7 एकड़ 75 डिसमिल भूमि हुई मुक्त
इस अभियान में कुल 7 एकड़ 75 डिसमिल सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। प्रशासन के अनुसार हटाए गए 23 मकान शासकीय भूमि पर बने हुए थे।
कार्रवाई के बाद भूमि को पुनः सुरक्षित कर सरकारी अभिलेखों के अनुरूप दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अब इस जमीन की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
जनहित के कार्यों में होगा उपयोग
प्रशासन का कहना है कि मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग भविष्य में जनहित और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। इससे क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
संभावना है कि इस भूमि का उपयोग सार्वजनिक परियोजनाओं, आधारभूत संरचना विकास या अन्य सरकारी योजनाओं के लिए किया जा सकता है।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने और अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और जिले में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्रमुख बातें एक नजर में
बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड में कार्रवाई।
23 मकानों पर चला बुलडोजर।
7 एकड़ 75 डिसमिल सरकारी भूमि हुई मुक्त।
राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों की संयुक्त कार्रवाई।
पहले नोटिस, सीमांकन और सर्वे की प्रक्रिया पूरी की गई।
भूमि का उपयोग भविष्य में जनहित कार्यों के लिए किया जाएगा।
प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रखने के संकेत दिए।
बलरामपुर में हुई यह कार्रवाई सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है। आने वाले समय में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।