छत्तीसगढ़ पर्यटन
छत्तीसगढ़ के पर्यटन को डिजिटल दुनिया के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। इसी क्रम में लखनपुर (अंबिकापुर) में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर मीट में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशभर से आए डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स से सीधा संवाद किया।
मंत्री ने कहा कि आज का युग डिजिटल संचार का युग है, जहां सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृति, पर्यटन और सामाजिक बदलाव का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर लाने का लक्ष्य
राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, धार्मिक आस्था और जनजातीय जीवन का अद्भुत संगम है, जिसे दुनिया तक पहुंचाना जरूरी है।
उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से आग्रह किया कि वे राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को अपनी रचनात्मक सामग्री के जरिए प्रमोट करें, जिनमें शामिल हैं—
- चित्रकोट जलप्रपात
- तीरथगढ़
- कांगेर घाटी
- सिरपुर
- भोरमदेव
- रामगढ़
- मैनपाट
- बारसूर
- चंद्रखुरी
- दंतेवाड़ा
मंत्री ने कहा कि इन स्थलों की सही और आकर्षक प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सकती है।
पर्यटन केवल यात्रा नहीं, रोजगार का माध्यम भी
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी है।
उन्होंने कहा—
- पर्यटन से स्थानीय रोजगार बढ़ता है
- हस्तशिल्प और लोककला को बढ़ावा मिलता है
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है
- सांस्कृतिक पहचान को नई ताकत मिलती है
इसलिए डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका केवल प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विकास के साझेदार भी हैं।
स्वच्छता को बताया पर्यटन की नींव
संवाद के दौरान मंत्री ने स्वच्छता को पर्यटन की सबसे महत्वपूर्ण शर्त बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी स्थान तभी आकर्षक बनता है जब वह स्वच्छ और व्यवस्थित हो।
उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से अपील की कि वे अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से—
- स्वच्छता का संदेश फैलाएं
- पर्यटकों को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करें
- पर्यटन स्थलों को साफ रखने का अभियान चलाएं
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता से ही छत्तीसगढ़ को देश के शीर्ष पर्यटन राज्यों में स्थान मिल सकता है।
रामगढ़ महोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी
मंत्री राजेश अग्रवाल ने आगामी 29 और 30 जून को आयोजित होने वाले रामगढ़ महोत्सव के प्रचार-प्रसार का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से कहा कि वे—
- रामगढ़ महोत्सव की सांस्कृतिक झलक दिखाएं
- लोक कला और परंपराओं को उजागर करें
- इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाएं
डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका सबसे अहम
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रिएटर्स इस अभियान को जन-आंदोलन में बदल सकते हैं और छत्तीसगढ़ की सुंदरता को दुनिया के हर कोने तक पहुंचा सकते हैं।