CM Helpline पर सख्त हुए कलेक्टर, शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश; अब ऐप से होगी निर्माण कार्यों की निगरानी

CM Helpline

उत्तर बस्तर कांकेर में प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि CM Helpline में प्राप्त शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय की और लंबित मामलों को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

शिकायतों के समाधान पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों द्वारा दर्ज की गई शिकायतों का समय पर समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • CM Helpline में लंबित मामलों का जल्द निराकरण करें।
  • शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए।
  • समाधान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  • आवेदकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
  • सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता से निपटारा किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सुशासन की पहचान है।

निर्माण कार्यों की निगरानी अब डिजिटल तरीके से

जिले में विकास कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए प्रशासन तकनीक का सहारा लेने जा रहा है।

कलेक्टर ने बताया कि:

1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू

  • डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा “निर्माण एप” के माध्यम से की जाएगी।
  • भविष्य में अन्य विभागों के निर्माण कार्यों को भी इसी प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
  • कार्यों की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी संभव होगी।
  • निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।

इस डिजिटल व्यवस्था से अधिकारियों को वास्तविक समय में परियोजनाओं की स्थिति देखने की सुविधा मिलेगी।

सांसद और विधायक निधि के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के साथ-साथ सांसद और विधायक निधि से संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि:

  • सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए।
  • निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
  • गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
  • निर्धारित समय सीमा का पालन किया जाए।

कबाड़ वाहनों को हटाने के निर्देश

जिले के विभिन्न कार्यालय परिसरों में लंबे समय से खड़े अनुपयोगी वाहनों को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया।

उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) को निर्देश दिए कि:

  • नीलाम हो चुके कंडम वाहनों को तत्काल हटाया जाए।
  • सरकारी परिसरों को व्यवस्थित बनाया जाए।
  • अनुपयोगी संसाधनों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

दूरस्थ क्षेत्रों में सुविधाओं की समीक्षा

बैठक में ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में चल रही विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

जिन विषयों पर चर्चा हुई

  • दूरसंचार टावरों की स्थापना
  • अटल डिजिटल सुविधा केंद्र
  • किसानों का एग्रीटेक पंजीयन
  • ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएं
  • विभागीय योजनाओं की प्रगति

कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रमुख रूप से शामिल अधिकारी:

  • जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी
  • अपर कलेक्टर अंतागढ़ ए.एस. पैकरा
  • सभी एसडीएम
  • विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी
  • जनपद पंचायतों के सीईओ
  • नगरीय निकायों के अधिकारी

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