महासमुंद कलेक्टर बैठक
महासमुंद कलेक्टर बैठक: किसानों, राजस्व प्रकरणों और आवास योजनाओं पर प्रशासन का फोकस
महासमुंद जिले में प्रशासनिक कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बैठक में राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण, किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति और सुशासन तिहार के लंबित आवेदनों की समीक्षा की गई।
लंबित राजस्व प्रकरणों पर विशेष जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अविवादित खाता विभाजन, सीमांकन और अन्य राजस्व मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता देकर निपटाया जाए।
मुख्य निर्देश:
• मंगलवार और बुधवार को राजस्व न्यायालयों में नियमित सुनवाई हो।
• लंबित मामलों की सूची तैयार कर शीघ्र कार्रवाई की जाए।
• आम जनता को उनके आवेदन की स्थिति की जानकारी समय पर दी जाए।
किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होनी चाहिए
बैठक में 30 जून तक चल रहे “खेती बचाओ अभियान” की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने कृषि विभाग के मैदानी अमले को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि:
• किसानों को निर्धारित मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराया जाए।
• खाद का नियमित भौतिक सत्यापन किया जाए।
• नैनो यूरिया और प्राकृतिक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
• सहकारी समितियों में पहुंचने वाले किसानों को बिना परेशानी खाद उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और वैकल्पिक उर्वरकों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक कुल 1,32,538 आवास स्वीकृत किए गए हैं।
इनमें:
• 1,12,904 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
• कुल लक्ष्य का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
कलेक्टर ने शेष आवासों के निर्माण में तेजी लाने और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
एग्रीस्टैक और ई-केवाईसी पर जोर
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की एग्रीस्टैक से शत-प्रतिशत लिंकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही ई-केवाईसी और अन्य कृषि योजनाओं की निगरानी पर विशेष बल दिया गया।
मुख्य बिंदु:
• किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन तेजी से पूरा किया जाए।
• फील्ड स्तर के अधिकारी नियमित रूप से गांवों का दौरा करें।
• योजनाओं की प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
ई-फाइल प्रणाली अब अनिवार्य
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों में ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जा चुकी है। अब मैनुअल फाइल संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को डिजिटल प्रणाली का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
सुशासन तिहार के आवेदनों का जल्द होगा निराकरण
कलेक्टर ने सुशासन तिहार के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी संबंधित आवेदकों तक अवश्य पहुंचाई जाए। साथ ही सभी विभागों को लंबित शिकायतों और आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए।
महासमुंद प्रशासन की यह बैठक साफ संकेत देती है कि जिले में राजस्व, कृषि, आवास और जनसेवा से जुड़े कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को राहत, आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता बना हुआ है।