धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा मांग
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन पर जहां देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिलीं, वहीं दिल्ली के जंतर-मंतर से एक अलग तरह का संदेश सामने आया। प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए एक बार फिर इस्तीफे की मांग दोहरा दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके एक बड़े बोर्ड पर शिक्षा मंत्री के लिए जन्मदिन संदेश लिखते दिखाई देते हैं। हालांकि शुभकामनाओं के साथ उन्होंने अपनी पुरानी मांग भी दोहराई और कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों की जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।
“हैप्पी बर्थडे, प्लीज रिजाइन” का संदेश
वीडियो में प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए एक प्रतीकात्मक संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह उनका “जन्मदिन उपहार” है और वे चाहते हैं कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों पर जवाबदेही तय हो।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया गया और इसने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा पैदा कर दी।
प्रधानमंत्री ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने शिक्षा मंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में उनके प्रयासों की सराहना की और उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य भारत को ज्ञान, नवाचार और सीखने का वैश्विक केंद्र बनाना है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
जंतर-मंतर पर छठे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ाई है। इसी वजह से वे लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
सोशल मीडिया अकाउंट और परीक्षा विवाद भी बने मुद्दे
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समूह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े मामलों और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में अधिक जवाबदेही और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे।
28 जून से भूख हड़ताल की घोषणा
इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से भी आंदोलन को लेकर नई रणनीति बनाई जा रही है। यदि मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो जंतर-मंतर पर आंदोलन को और तेज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
क्यों चर्चा में है यह मामला?
- शिक्षा मंत्री के जन्मदिन पर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया गया।
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है।
- प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस पूरे घटनाक्रम को नई बहस का विषय बना दिया है।
फिलहाल सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारियों के अगले कदम पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाएगा, इस पर राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों हलकों की नजर बनी हुई है।