प्राइवेट कंपनियों की खाद भी बेचेगी सरकार, किसानों का संकट होगा खत्‍म;

किसानों का संकट दूर करने को उत्‍तर प्रदेश सरकार अब सहकारी समितियों पर भी निजी (Private) कंपनियों के उर्वरक बेचेगी। इसके लिए निजी कंपनियों को अपने हिस्सेदारी का 30 फीसदी उर्वरक सरकारी समितियां को आवंटित करने का आदेश दिया गया है। यह जानकारी सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दी।

सर्किट हाउस में सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि सभी समितियां को निर्देशित किया गया है कि डीएपी के साथ किसी अन्य उर्वरक को आवश्यक रूप से देने की कोई बाध्यता न की जाए। ऐसा विभिन्न जिलों से आई शिकायतों के मद्देनजर किया गया है। यदि कोई समिति किसानों को डीएपी के साथ अन्य उर्वरक लेने के लिए बाध्य करती है तो कड़ी कार्रवाई होगी। इस बाबत एआर-कोऑपरेटिव को आदेश दिया गया है। कृषि मंत्री ने दावा किया कि यूपी में उर्वरक का संकट नहीं है। 117 रैक उर्वरक अब त्तक यूपी में आ चुकी है। जल्द ही और रैक आने वाली है।

कबाड़खाने में जाएगी साइकिल: कृषि मंत्री ने विधानसभा उपचुनाव को लेकर दावा किया कि अबकी सपा की साइकिल कबाड़खाने में जाएगी। ये धोखेबाज, फरेबी लोग हैं। कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी को इन्होंने महज तीन सीट दी है। बीते विस चुनाव में भी सपा ने कांग्रेस को धोखा दिया था। यूपीए अब बांटों और राज करो की अपनी पुरानी नीति पर चल रही है। देश इनकी चालाकी समझ चुका है, इनके झांसे में कोई नहीं आएगा। उन्होंने सीएम योगी के ‘बंटोगे तो कटोगे’ के नारे का समर्थन करते हुए कहा कि बंटे थे तो देश का विभाजन हो गया था। देश के विभाजन के लिए कांग्रेस जिम्मेदार थी। आज सपा अपने सिद्धांतों को भूल कर उसी की गोद में खेल रही है। राममनोहर लोहिया ने कहा था कि ‘जाति को तोड़ो, समाज को जोड़ो’ लेकिन आज सपा कांग्रेस के साथ मिलकर देश को फिर टुकड़ों में बांटने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपानीत सरकारों ने काफी अच्छे काम किये हैं। यही वजह है कि दुनिया के कई देश प्रधानमंत्री को अपने यहां के सर्वोच्च सम्मान दे रहे हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की उन्नति के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ अभियान चलाया। जबकि सपा ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ अभियान चलाया। पूरा प्रदेश माफियाओं के आतंक से दहशत में था।

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