अवैध खनन पर साय सरकार का बड़ा प्रहार! 7 वाहन जब्त, अधिकारियों से बदसलूकी करने वालों पर FIR

अवैध खनन

छत्तीसगढ़ में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ राज्य सरकार ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निर्देश पर खनिज विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात वाहनों को जब्त किया है। इस अभियान के दौरान अधिकारियों से अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश की खनिज संपदा का अवैध दोहन करने वालों और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। हालिया अभियान को अवैध खनन नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

तीन जिलों में चला विशेष अभियान

संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा केंद्रीय खनि उड़नदस्ता प्रभारी Rajat Bansal के निर्देशन में 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया।

शिकायतों के आधार पर की गई कार्रवाई में अवैध खनिज परिवहन में शामिल कुल सात वाहनों को पकड़ा गया।

कहां-कहां हुई कार्रवाई?

  • बरबसपुर क्षेत्र में निम्न श्रेणी चूना पत्थर से लदे 2 हाइवा जब्त
  • सूरजपुर के लटोरी क्षेत्र में रेत से भरा 1 हाइवा पकड़ा गया
  • खड़गवां क्षेत्र में 1 टिप्पर पर कार्रवाई
  • सरगुजा के सकालो और अंबिकापुर क्षेत्र में 3 रेत परिवहन करने वाले टिप्पर जब्त

सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत जब्त कर संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है।

अधिकारियों से अभद्रता पड़ी भारी

कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया। जांच कर रही टीम के साथ कुछ वाहन मालिकों, चालकों और उनके सहयोगियों ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया।

आरोप है कि उन्होंने:

  • अधिकारियों के साथ गाली-गलौच की
  • धमकी देने का प्रयास किया
  • सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई
  • जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

सरकार का सख्त संदेश

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि:

  • अवैध खनन में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा
  • सरकारी अधिकारियों को धमकाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी
  • अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वालों की भी जांच की जाएगी
  • प्रदेशभर में संयुक्त निरीक्षण और निगरानी अभियान तेज किए जाएंगे

अवैध खनन पर लगातार बढ़ रहा शिकंजा

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन में शामिल लोगों में हड़कंप की स्थिति है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की खनिज संपदा की सुरक्षा करना और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित कार्रवाई जारी रही तो अवैध खनन गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा और राज्य को होने वाले राजस्व नुकसान में भी कमी आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *