ग्राम सभा
उत्तर बस्तर कांकेर जिले में ग्रामीण विकास और जनभागीदारी को मजबूत बनाने के लिए 24 जून से 28 जून 2026 तक सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों और आश्रित गांवों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर Nilesh Kumar Mahadev Kshirsagar ने जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि ग्राम सभाओं का आयोजन सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाए ताकि ग्रामीणों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके लिए प्रत्येक ग्राम सभा में पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने और पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक ही दिन में एक से अधिक गांवों में नहीं होगी ग्राम सभा
प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था बनाई है कि ग्राम पंचायत के सभी प्रतिनिधि प्रत्येक ग्राम सभा में उपस्थित रह सकें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि:
- एक ही तिथि पर ग्राम पंचायत के एक से अधिक गांवों में ग्राम सभा आयोजित न की जाए।
- सरपंच और सचिव सभी ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
- ग्राम सभा की कार्यवाही व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न कराई जाए।
- ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को प्राथमिकता दी जाए।
इस व्यवस्था से ग्राम सभाओं में बेहतर समन्वय और प्रभावी निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
ग्राम सभा के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ को ग्राम सभा की जानकारी प्रत्येक ग्रामीण तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों को विशेष प्रचार अभियान चलाने को कहा गया है।
प्रचार-प्रसार के लिए प्रमुख निर्देश
- ग्राम सभा की सूचना सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाए।
- गांवों में मुनादी कराई जाए।
- सरपंच और पंच ग्रामीणों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करें।
- अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्राम सभा में ग्रामीण अपनी समस्याएं, सुझाव और विकास संबंधी मुद्दे खुलकर रख सकें।
हर निर्णय की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
इस बार ग्राम सभाओं की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष तकनीकी व्यवस्था भी की गई है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि:
- ग्राम सभा की कार्यवाही की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए।
- रिकॉर्डिंग को “ग्राम सभा निर्णय” (GS NIRNAY) मोबाइल एप में अपलोड किया जाए।
- सभी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
इससे ग्राम सभा में लिए गए निर्णयों की निगरानी और समीक्षा करना आसान होगा।
ऑनलाइन पोर्टलों पर अपलोड होगी पूरी जानकारी
ग्राम सभा से जुड़ी सभी गतिविधियों और निर्णयों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
जिन प्लेटफॉर्म पर अपलोड होगी जानकारी
- वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल
- जीपीडीपी (GPDP) पोर्टल
- जीएस निर्णय (GS NIRNAY) मोबाइल एप
इससे ग्राम पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और शासन स्तर पर निगरानी भी मजबूत होगी।
ग्रामीण विकास में निभाएगी अहम भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राम सभा ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। यहां लिए गए निर्णय गांवों के विकास, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्राम सभा के प्रमुख उद्देश्य
- ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान
- विकास कार्यों की समीक्षा
- नई योजनाओं पर चर्चा
- जनभागीदारी को बढ़ावा
- पंचायत स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करना
24 से 28 जून तक आयोजित होने वाली यह विशेष ग्राम सभा श्रृंखला कांकेर जिले में ग्रामीण विकास और जनसहभागिता को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसमें भाग लेकर अपने गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।