खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से सीधे बात कर भारत का सख्त विरोध दर्ज कराया। इस घटना ने न केवल भारत-अमेरिका संबंधों में नई बहस छेड़ दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अमेरिका की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जयशंकर का साफ संदेश- कमर्शियल जहाजों पर हमला स्वीकार नहीं
विदेश मंत्री जयशंकर ने फोन पर हुई बातचीत में स्पष्ट कहा कि कमर्शियल जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर भारत की गहरी चिंता जताई और नागरिक नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की।
भारत ने इससे पहले नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स को भी तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया था। बताया जा रहा है कि 48 घंटे के भीतर यह दूसरी बार था जब भारत ने इस मुद्दे को अमेरिका के सामने मजबूती से उठाया।
क्या हुआ था ओमान तट के पास?
रिपोर्टों के अनुसार, पलाऊ-झंडे वाले टैंकर MT Settebello पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
मृत नाविकों की पहचान:
- आदित्य शर्मा (डेक कैडेट)
- शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर)
- पटनाला सुरेश (चीफ इंजीनियर)
के रूप में हुई है।
संयुक्त राष्ट्र और IMO ने जताई चिंता
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़े समुद्री संगठनों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी नाविकों की जान को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई को अस्वीकार्य बताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अमेरिका ने क्या दी सफाई?
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि संबंधित जहाज कथित तौर पर उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था और उसे रोकने के लिए कार्रवाई की गई। हालांकि भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि नागरिक जहाजों और उन पर कार्यरत नाविकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
सरकार अलर्ट मोड में
घटना के बाद भारत सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों, भारतीय नौसेना और समुद्री अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बड़ी बातें एक नजर में
- अमेरिकी कार्रवाई में 3 भारतीय नाविकों की मौत।
- जयशंकर ने सीधे मार्को रुबियो से की बात।
- भारत ने अमेरिका के सामने दर्ज कराया कड़ा विरोध।
- अमेरिकी राजनयिक को दूसरी बार तलब किया गया।
- IMO और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने जताई चिंता।
- भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सरकार हाई अलर्ट पर।
निष्कर्ष
तीन भारतीय नाविकों की मौत ने भारत को सख्त प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर कर दिया है। नई दिल्ली ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी ऐसी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा जिससे निर्दोष नाविकों की जान खतरे में पड़े। आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक कूटनीति और समुद्री सुरक्षा की बहस का बड़ा विषय बन सकता है।