फिलाडेल्फिया में लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते मुकाबला दो घंटे से ज्यादा समय तक रुका रहा, लेकिन खेल दोबारा शुरू होते ही किलियन एम्बाप्पे ने साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी हालात नहीं, बल्कि इतिहास बनाते हैं। फ्रांस के कप्तान ने इराक के खिलाफ दो गोल दागे और टीम को 3-0 की शानदार जीत दिलाकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण का टिकट पक्का करा दिया।
100वें इंटरनेशनल मैच में यादगार प्रदर्शन
27 वर्षीय एम्बाप्पे के लिए यह मुकाबला खास था, क्योंकि वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 100वां मैच खेल रहे थे। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और 14वें मिनट में बॉक्स के बाहर से दमदार शॉट लगाकर फ्रांस को बढ़त दिला दी। खराब मौसम के कारण पहला हाफ खत्म होने के बाद खेल लंबे समय तक रुका रहा, लेकिन वापसी के बाद भी उनकी लय में कोई कमी नहीं दिखी।
एक और गोल, कई रिकॉर्ड अपने नाम
दूसरे हाफ के 54वें मिनट में इराकी डिफेंडर की गलती का फायदा उठाते हुए उस्मान डेम्बेले ने शानदार पास दिया, जिसे एम्बाप्पे ने आसानी से गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपने कुल गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोजे की बराबरी की और ब्राजील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया।
फ्रांस का दमदार हमला
फ्रांस की जीत में सिर्फ एम्बाप्पे ही नहीं, बल्कि उस्मान डेम्बेले ने भी अहम भूमिका निभाई। बैलन डी’ऑर विजेता डेम्बेले ने टीम का तीसरा गोल किया। डेम्बेले, एम्बाप्पे और डिजायर डुए की आक्रामक तिकड़ी ने एक बार फिर दिखाया कि फ्रांस इस बार खिताब का सबसे मजबूत दावेदार क्यों माना जा रहा है।
एम्बाप्पे अब फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे सिर्फ अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी हैं, जिन्होंने इसी दिन दो गोल कर अपने कुल गोलों की संख्या 18 कर ली। एम्बाप्पे ने अब तक 2018 में 4, 2022 में 8 और मौजूदा टूर्नामेंट में 4 गोल दागे हैं। इसके अलावा वह छह अलग-अलग वर्ल्ड कप मैचों में दो या उससे ज्यादा गोल करने वाले पहले फुटबॉलर भी बन गए हैं। फ्रांस की जीत और एम्बाप्पे के रिकॉर्ड ने इस मुकाबले को यादगार बना दिया।