शाला प्रवेशोत्सव में विधायक पुरंदर मिश्रा ने किया नन्हे विद्यार्थियों का स्वागत, शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत

शाला प्रवेशोत्सव


सरस्वती शिशु मंदिर में उत्साह के साथ मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव

रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के राजातालाब स्थित इंद्रावती कॉलोनी के सरस्वती शिशु मंदिर में शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और उनके जीवन की नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत को यादगार बनाया गया।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर तथा आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


बच्चों के लिए शिक्षा जीवन की सबसे मजबूत नींव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के भविष्य को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी साधन है।

उन्होंने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव बच्चों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, क्योंकि विद्यालय का पहला दिन उनके मन में सीखने की जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार करता है।

उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले कल के जिम्मेदार नागरिक और देश के भविष्य निर्माता हैं।


अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील

विधायक ने अभिभावकों से अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और परिवार का सहयोग उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि—

  • बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजना चाहिए।
  • शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी समान ध्यान देना आवश्यक है।
  • माता-पिता और शिक्षकों का सहयोग बच्चों को बेहतर नागरिक बनाता है।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है।

संस्कारयुक्त शिक्षा से बनेगा मजबूत समाज

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर जैसे शिक्षण संस्थान शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के संस्कार भी विद्यार्थियों में विकसित करते हैं।

उन्होंने कहा कि केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासन का विकास भी उतना ही आवश्यक है।


शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की सराहना

विधायक पुरंदर मिश्रा ने विद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन समिति की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारमय शिक्षा प्रदान करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करते रहने का आग्रह किया।


नवप्रवेशी बच्चों के चेहरों पर दिखा उत्साह

शाला प्रवेशोत्सव के दौरान विद्यालय परिसर उत्साह और खुशियों से भरा नजर आया। नए विद्यार्थियों के चेहरे पर विद्यालय में प्रवेश की खुशी और उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी।

कार्यक्रम के अंत में विधायक ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने और अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा देश का नाम रोशन करने का संदेश दिया।


बड़ी संख्या में मौजूद रहे गणमान्य नागरिक

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति और स्थानीय समाज के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर शाला विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक त्रिपाठी, सचिव संजय जोशी सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

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