महाराष्ट्र में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और अब यह पूरे राज्य में फैल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज को राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 15 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जबकि 10 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है।
मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। मुंबई, ठाणे और पालघर में 25 जून को मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है. चूंकि हाल ही में मुंबई में बारिश के दौरान खुले मैनहोल जैसी घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए प्रशासन ने नागरिकों को जलजमाव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है। रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे कोंकण के जिलों में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है, जिसे देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
पुणे, कोल्हापुर और सातारा के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवड में रुक-रुक कर तेज बारिश हो सकती है। सोलापूर और अहिल्यानगर में भी मानसून की सक्रियता बनी रहेगी, जिससे खेती के कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
विदर्भ के नागपुर, अकोला और वर्धा जैसे जिलों में मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आई है। उत्तर महाराष्ट्र के नासिक और जलगांव में भी अच्छी बारिश के संकेत हैं, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के प्रति भी सतर्क किया गया है।
छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड और लातूर सहित पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों की बारिश ने इस क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति को कम करने में मदद की है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने अब पूरे महाराष्ट्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे राज्य के सभी दूरदराज के क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग द्वारा 15 जिलों में जारी ‘ऑरेंज अलर्ट‘ का मतलब है कि प्रशासन और नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। भारी बारिश के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है और नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
यह मानसून सीजन महाराष्ट्र की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में मानसून की देरी के कारण बुवाई में देरी हुई थी। अब पूरे राज्य में मानसून के पहुंचने से किसानों में उत्साह का माहौल है।