झांसी अग्निकांड पर यूपी सरकार को NHRC का नोटिस, मेरठ में रैपिड रेल यार्ड में दर्दनाक हादसा

झांसी मेडिकल कॉलेज के स्‍पेशल न्‍यू बोर्न केयर यूनिट में आग लगने से 10 नवजात बच्‍चों की मौत की घटना पर राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है। NHRC ने कहा है कि हमने एक मीडिया रिपोर्ट का स्‍वत: संज्ञान लिया है जिसमें इस घटना का विवरण दिया गया था। घटना में 10 बच्‍चों की मौत हो गई थी जबकि 16 बच्‍चे घायल हुए हैं। 37 बच्‍चों को सुरक्ष‍ित बचा लिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि अस्‍पताल में आग बिजली के शार्ट सर्किट की वजह से लगी। एनएचआरसी ने राज्‍य के मुख्‍य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के अंदर इस पर विस्‍तृत रिपोर्ट मांगी है।

उधर, दिल्ली-मेरठ रैपिड कॉरिडोर के मेरठ स्थित शताब्दीनगर यार्ड में रविवार को भीषण हादसा हो गया। इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। चार अन्य घायल हैं। एनसीआरटीसी ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मृतक मजदूर बिहार के रोहतास जिले के समहोता गांव निवासी सुबोध पुत्र भरत सिंह बताया गया है। चार घायल बुलंदशहर, सहारनपुर और गाजियाबाद के हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

बरेली में एक बार फिर ट्रेन पलटाने की कोशिश हुई है। इज्जतनगर रेल मंडल के दिबनापुर स्टेशन के पास मालगाड़ी पलटने की साजिश रची गई। खुराफातियों ने रेल पटरी पर सीमेंट बेंच, रेल पटरी का टुकड़ा रख दिया। मालगाड़ी के लोको पायलट को टकराने की आवाज आई तो ट्रेन रोक दी। सूचना पर आरपीएफ, इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग विभाग के अधिकारी पहुंचे। जांच के बाद अवरोध हटाकर मालगाड़ी रवाना की गई। हाफिजगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। रेलवे के मुताबिक, सेंथल-भोजीपुरा स्टेशन के बीच दिबनापुर रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर किसी ने मालगाड़ी पलटने की साजिश की। शुक्रवार रात 12 बजे मालगाड़ी दिबनापुर से बरेली की ओर आ रही थी। दिबनापुर के पास लोको पायलट को इंजन से कुछ टकराने की आवाज सुनाई दी। ट्रेन रोक कर जांच की तो ट्रैक किनारे सीमेंटेड बेंच टूटी पड़ी थी। इंजन का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त भी हो गया। कुछ दूरी पर रेल पटरी का भी 1.25 मीटर लंबा टुकड़ा पड़ा था। सीनियर सेक्शन इंजीनियरिंग ने हाफिजगंज थाने में अज्ञात पर केस दर्ज कराया गया है।

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