आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
रायपुर में आयोजित समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने भारत के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होता है और भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी होने का बड़ा लाभ है। हालांकि, इस युवा शक्ति को आधुनिक तकनीक और कौशल से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
दो दिवसीय इस कॉन्क्लेव का आयोजन डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर और आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था – “विकसित भारत के लिए एआई संचालित कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम”।
AI बनेगा विकसित भारत का सबसे बड़ा इंजन
मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और परिवर्तन ही एकमात्र स्थायी सत्य है। ऐसे समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने वाला सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना केवल पारंपरिक विकास मॉडल से पूरा नहीं होगा। इसके लिए तकनीक, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन को अपनाना होगा। AI न केवल उद्योगों को नई गति देगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार जैसे क्षेत्रों में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
युवा शक्ति ही भारत की असली ताकत
अपने संबोधन में मंत्री देवांगन ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी पूंजी उसकी युवा आबादी है। यदि युवाओं को आधुनिक कौशल और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए तो भारत विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियों में शामिल हो सकता है।
उन्होंने युवाओं से नई तकनीकों को सीखने और डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने का आह्वान किया।
युवाओं के लिए जरूरी कौशल
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ
- डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग
- उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति
- नवाचार आधारित सोच
- वित्तीय साक्षरता
- तकनीकी कौशल विकास
वित्तीय समावेशन पर भी दिया जोर
मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा रहेगा जब तक विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा। वित्तीय समावेशन का अर्थ है हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना।
उन्होंने बताया कि आज मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोग घर बैठे सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। यह तकनीकी प्रगति और AI के बढ़ते प्रभाव का परिणाम है।
तकनीक से हुए बड़े बदलाव
- सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच
- डिजिटल बैंकिंग का विस्तार
- ऑनलाइन सेवाओं में पारदर्शिता
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता
- समय और संसाधनों की बचत
पांच युवा उद्यमियों का सम्मान
समारोह के दौरान उद्योग मंत्री ने नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पांच युवा उद्यमियों को सम्मानित किया। यह सम्मान युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और रोजगार सृजन के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान डॉ. पी.के. घोष, डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, पद्मश्री अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा, डॉ. अनुराग होता, राजेश भुतड़ा, ललित कुमार, पदम गोयल, अनुराग गुप्ता और बजरंग गोयल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।