पचपदरा रिफाइनरी
राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (HRRL) के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित 4 जुलाई दौरे के दौरान अब विशाल जनसभा आयोजित नहीं होगी। इसके बजाय पूरा कार्यक्रम रिफाइनरी परिसर के भीतर सीमित दायरे में आयोजित किए जाने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, समारोह में केवल विशेष आमंत्रित अतिथियों को ही शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल जारी किया जाएगा।
अचानक क्यों बदला कार्यक्रम?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा 4 जुलाई की तारीख घोषित किए जाने के बाद प्रशासन और विभिन्न विभाग बड़े स्तर पर तैयारियों में जुट गए थे। रिफाइनरी परिसर के बाहर विशाल पंडाल, मंच और जनसभा स्थल तैयार किए जा रहे थे।
हालांकि गुरुवार सुबह अचानक टेंट और पंडाल निर्माण का काम रोक दिया गया, जिससे कार्यक्रम के स्वरूप में बदलाव की पुष्टि हो गई।
सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा कारणों और पिछले घटनाक्रमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
पहले भी टल चुका है उद्घाटन कार्यक्रम
इससे पहले 21 अप्रैल को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम प्रस्तावित था। लेकिन उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में आग लगने की घटना सामने आई थी।
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी थी, जिसके चलते प्रधानमंत्री का दौरा अंतिम समय में स्थगित कर दिया गया था।
2.5 लाख लोगों की तैयारी, अब सिर्फ 5 हजार को मिलेगा प्रवेश
पहले प्रशासन की योजना थी कि बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, पाली, सिरोही और बीकानेर सहित कई जिलों से लगभग 2 से 2.5 लाख लोगों को जनसभा में शामिल कराया जाए।
इसके लिए—
- विशाल जर्मन डोम तैयार किए जा रहे थे।
- लाखों वर्गफुट क्षेत्र में बैठने की व्यवस्था की जा रही थी।
- पेयजल, पार्किंग और यातायात प्रबंधन की तैयारियां चल रही थीं।
लेकिन नई योजना के तहत अब रिफाइनरी के बाहर कोई सार्वजनिक सभा नहीं होगी।
मुख्य कार्यक्रम रिफाइनरी परिसर के सुरक्षित हिस्से में आयोजित किया जाएगा, जहां लगभग 5 हजार लोगों की मौजूदगी रहने की संभावना है।
इनमें शामिल होंगे—
- स्थानीय ग्रामीण
- जनप्रतिनिधि
- प्रशासनिक अधिकारी
- उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि
- विशेष आमंत्रित अतिथि
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई
कार्यक्रम सीमित होने के बावजूद सुरक्षा इंतजाम पहले से अधिक सख्त कर दिए गए हैं।
रिफाइनरी परिसर में—
- अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती,
- वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी,
- सुरक्षा एजेंसियों की विशेष मॉनिटरिंग,
- प्रवेश और निकासी की अलग व्यवस्था
पर काम किया जा रहा है।
पंडाल निर्माण कार्य पर लगी रोक
गुरुवार सुबह तक रिफाइनरी के बाहर बड़े पैमाने पर पंडाल और अन्य संरचनाओं का निर्माण कार्य जारी था। लेकिन कार्यक्रम में बदलाव के निर्देश मिलने के बाद निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसके बाद मौके पर मौजूद मजदूर और ठेकेदार प्रशासन की नई गाइडलाइन और निर्देशों का इंतजार करते रहे।
क्यों महत्वपूर्ण है पचपदरा रिफाइनरी?
- यह राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल है।
- इससे पश्चिमी राजस्थान में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- पेट्रोकेमिकल उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
- राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।
अब सभी की नजर प्रधानमंत्री कार्यालय की अंतिम मंजूरी और उद्घाटन कार्यक्रम के अंतिम स्वरूप पर टिकी हुई है। यदि कार्यक्रम तय समय पर आयोजित होता है, तो यह राजस्थान के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।