भविष्य में किसी भी आपात स्थितियों के लिए वित्तीय सुरक्षा बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तत्काल जरूरतों के समय इंसान को पैसे के लिए इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं पड़े। कई बार आम आदमी किसी इमरजेंसी का सामना करता है, तो वह मोटी ब्याज या अपनी संपत्ति को गिरवी रख कर लोन लेता है। इस स्थिति में कई बार उन्हें भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ता है। लेकिन, अगर आप पहले से अलर्ट रहें तो इन बुरे वक्त से बचा जा सकता है। इसी के लिए आज हम एक ऐसी स्कीम के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो बिना किसी जोखिम को छोटे निवेश पर भी बेहतर रिटर्न देती है।
भारतीय पोस्ट ऑफिस के बारे में लगभग हर कोई जानता है, जो कि कई तरह की सेविंग स्कीम में निवेश का मौका देता है। उसी में से एक है नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी NSC स्कीम। यह योजना हर किसी के लिए बड़े काम की साबित हो सकती है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस योजना में अपना पैसा निवेश करते हैं।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट क्या है?
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम भारतीय पोस्ट द्वारा चलाई गई एक बचत योजना है। यह स्कीम न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से, बल्कि अपने बेहतर रिटर्न के लिए भी जानी जाती है। पोस्ट ऑफिस और भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना, बाजार के अन्य जोखिम से बिलकुल फ्री है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि आप कम से कम 1000 रुपये के साथ निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। वहीं, अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इसका मतलब यह है कि कोई भी अपने बजट और अपने लक्ष्य के हिसाब से जितना चाहे, उतना पैसा निवेश कर सकता है।
बता दें इस योजना में निवेश करने पर 7.7 प्रतिशत की फिक्स्ड ब्याज दर से सालाना रिटर्न मिलता है। इस योजना को सबसे खास बनाता है कंपाउंड का फॉर्मूला। इसका मतलब यह हुआ कि आपके निवेश पर मिलने वाले ब्याज से बढ़ी हुई निवेश की रकम पर फिर से 7.7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट स्कीम का लॉक-इन पीरियड 5 साल का होता है। अगर कोई शख्स इस योजना में पांच साल के लिए 5 लाख रुपये का निवेश करता है, तो स्कीम मैच्योर होने के बाद उसे कुल 7,24,517 रुपये मिलेंगे। बिना किसी जोखिम छोटे से निवेश के साथ उसे 2,24,517 रुपये सीधा लाभा मिलेगा।
पोस्ट ऑफिस नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट योजना में टैक्स बचत का भी लाभ मिलता है। पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत 1.5 लाख रुपये तक का निवेश धारा 80C के तहत टैक्स फ्री रहता है। वहीं, इस योजना में निवेश किए हुए पैसे पर मिलने वाला सालाना ब्याज अपने आप दोबारा निवेश हो जाता है, इसलिए शुरुआती चार साल के ब्याज पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं देना होता है। हालांकि, 5वें साल जब स्कीम मैच्योरिटी की रकम पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है।
पोस्ट ऑफिस और भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट स्कीम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी निवेश करते हैं। इस योजना में अब तक उन्होंने कुल 9.12 लाख रुपये का निवेश किया है। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान अपने हल्फनामे में उन्होंने इसकी जानकारी दी थी। उस वक्त उनका यह निवेश कुल 7.61 लाख रुपये का था, जो अब बढ़कर 9.12 लाख रुपये हो गया है।