खजाने की तलाश या जहरीली साजिश? 8 मौतों के रहस्य से दहला बलौदाबाजार, कब्र खोदकर निकाले गए 7 शव

बलौदाबाजार मौत रहस्य

खजाने की तलाश या जहरीली साजिश? 8 मौतों के रहस्य से दहला बलौदाबाजार, कब्र खोदकर निकाले गए 7 शव

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में हुई लगातार 8 संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। इन मौतों के पीछे जहरीली शराब, सुनियोजित साजिश और कथित खजाने की तलाश जैसी कई चर्चाएं सामने आ रही हैं। मामला इतना गंभीर हो गया कि प्रशासन को कब्रें खुदवाकर शवों को दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए निकालना पड़ा।

क्या है पूरा मामला?

खरवे गांव में फरवरी से मई 2026 के बीच 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों में गांव के पूर्व सरपंच सहित कई लोग शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन सभी लोगों ने एक ही व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।

इन मौतों के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आंदोलन भी किया।

कब्र से निकाले गए शव

जांच को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया।

  • पहले एक शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
  • इसके बाद 6 अन्य शव भी कब्र से बाहर निकाले गए।
  • सभी शवों के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
  • एक मृतक का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था, इसलिए उसका दोबारा परीक्षण संभव नहीं है।

प्रशासन का कहना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह सामने आएगी।

जहरीली शराब की आशंका

ग्रामीणों का दावा है कि मृतकों को शराब पिलाई गई थी। आरोप यह भी है कि शराब में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि एक व्यक्ति शराब पीने के बाद उल्टी कर बच गया, जिसके बाद पूरे मामले पर संदेह गहरा गया।

हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

खजाने के लिए मानव बलि की चर्चा

गांव में एक और सनसनीखेज चर्चा चल रही है। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि जमीन में दबे कथित खजाने को पाने के लिए लोगों की बलि दी गई।

हालांकि पुलिस और प्रशासन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह केवल अफवाह है और जांच का केंद्र वैज्ञानिक साक्ष्य हैं।

प्रशासन और फॉरेंसिक टीम सक्रिय

मामले की जांच के लिए पुलिस, राजस्व विभाग और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त टीम बनाई गई है।

जांच के दौरान:

  • शवों के नमूने एकत्र किए गए।
  • ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
  • संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

ग्रामीणों की मांग

गांव के लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मौतों के पीछे कोई साजिश है तो पूरे नेटवर्क का खुलासा होना चाहिए।

आगे क्या?

अब पूरे मामले की सच्चाई फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम जांच पर निर्भर है। यदि जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है तो यह छत्तीसगढ़ के हालिया वर्षों के सबसे बड़े और रहस्यमयी मामलों में से एक बन सकता है।

फिलहाल बलौदाबाजार का खरवे गांव जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी पहेली बना हुआ है और हर किसी की नजर आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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