रायपुर में आध्यात्मिक इतिहास रचा गया! ओम बिरला और सीएम साय ने बताया क्यों आज दुनिया को सबसे ज्यादा जरूरत है भगवान महावीर के संदेश की

भगवान महावीर

रायपुर में आयोजित आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव आध्यात्मिक चेतना, संस्कृति और भारतीय मूल्यों का एक ऐतिहासिक संगम बन गया। इस भव्य आयोजन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हिस्सा लेकर जैन संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भगवान महावीर के अहिंसा, करुणा और आत्मसंयम के संदेश को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से संत, साध्वी, श्रद्धालु और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर पदारोहण रहा, जिसे जैन समाज के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।

भगवान महावीर के विचार आज भी प्रासंगिक

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत केवल किसी एक समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया हिंसा, तनाव और संघर्ष जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, तब अहिंसा और करुणा का मार्ग ही स्थायी शांति प्रदान कर सकता है।

उन्होंने कहा कि आचार्य पद तप, त्याग, ज्ञान और समाज सेवा का सर्वोच्च प्रतीक है। जैन संतों का जीवन हमें आत्मनियंत्रण, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया क्यों खास है यह आयोजन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित यह महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से पूरे राज्य में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महावीर का “जियो और जीने दो” का संदेश आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। समाज में शांति, सद्भाव और सहअस्तित्व की भावना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

बाल मुनि की अद्भुत प्रतिभा ने किया सभी को प्रभावित

कार्यक्रम में 14 वर्षीय शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। उनकी असाधारण स्मरणशक्ति और ज्ञान साधना की सभी ने सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी कम उम्र में हजारों प्रश्नों को याद रखना और उनका क्रमवार उत्तर देना अद्भुत उपलब्धि है। यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का विषय है।

कार्यक्रम की प्रमुख बातें

  • पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की विशेष उपस्थिति
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संतों का आशीर्वाद लिया
  • भगवान महावीर के अहिंसा और करुणा के संदेश पर जोर
  • शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज की विलक्षण प्रतिभा चर्चा का केंद्र बनी
  • देशभर से हजारों श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए

आध्यात्मिक संदेश से गूंजा रायपुर

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, कमलेश जांगड़े, महेश कश्यप तथा विधायक राजेश मूणत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का विराट उत्सव बनकर सामने आया। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, करुणा और आत्मसंयम के सिद्धांत आज भी मानवता को सही दिशा दिखाने की क्षमता रखते हैं।

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