नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और आतंकवाद को करारा जवाब दिया था। इस हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति जारी है। अब इस घटना की सच्चाई पूरी दुनिया के सामने लाने के लिए सरकार सात सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को यूएन भेज रही है। इस समूह में अलग-अलग पार्टी के संसद सदस्य शामिल रहेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार ये प्रतिनिधिमंडल 21-22 मई को रवाना होंगे। अपने दौरे के दौरान ये सांसद दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा उजागर करेंगे। इन सांसदों के साथ सीनियर राजनयिक भी मौजूद रहेंगे। ये राजनयिक अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, जापान, यूरोपीय संघ, दक्षिण अफ्रीका और खाड़ी देशों में अपने मुद्दे रखने में मदद रहेंगे। इस लिस्ट में फ्रांस में भारत के पूर्व राजदूत जावेद अशरफ और मोहन कुमार, पूर्व विदेश सचिव एच.वी. श्रृंगला और जापान में पूर्व राजदूत सुजान चिनॉय जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
7 सांसद करेंगे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर लड़ाई के संदर्भ में, सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों सहित प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने वाले हैं।
ये सांसद करेंगे प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व
1) शशि थरूर, कांग्रेस
2) रविशंकर प्रसाद, भाजपा
3) संजय कुमार झा, जेडीयू
4) बैजयंत पांडा, भाजपा
5) कनिमोझी करुणानिधि, डीएमके
6) सुप्रिया सुले, एनसीपी
7) श्रीकांत एकनाथ शिंदे, शिवसेना
इस प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता कांग्रेस के प्रवक्ता शशि थरूर को सौंपी गई है। इसके अलावा भाजपा से रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जेडीयू से संजय कुमार झा, डीएमके से कनिमोझी करुणानिधी को चुना गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार की बेटी और एनसीपी से सांसद सुप्रिया सुले भी शामिल है। महाराष्ट्र से इन दोनों सांसदों को प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है।