राष्ट्रपति से शौर्य चक्र पाकर चमके छत्तीसगढ़ के दो वीर सपूत, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी बधाई

शौर्य चक्र

छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण तब आया जब राज्य पुलिस के दो जांबाज अधिकारियों को देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। महामहिम राष्ट्रपति Droupadi Murmu द्वारा आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को उनकी अद्वितीय बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री O. P. Choudhary ने दोनों अधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल दो अधिकारियों का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव है।

साहस और समर्पण का मिला सम्मान

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख ने कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए असाधारण साहस का परिचय दिया है। उनकी वीरता, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण ही उन्हें इस सर्वोच्च सम्मान तक लेकर गया है।

उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों ने अपने कर्तव्य पालन के दौरान जिस निडरता और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है।

छत्तीसगढ़ पुलिस का बढ़ाया मान

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इन बहादुर अधिकारियों ने अपने साहसिक कार्यों से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। यह सम्मान पुलिस बल के मनोबल को और मजबूत करेगा तथा सुरक्षा बलों में कार्यरत जवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को अपने पुलिस अधिकारियों की इस उपलब्धि पर गर्व है और यह सम्मान प्रदेश के युवाओं को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करेगा।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी वीरता की यह मिसाल

श्री चौधरी के अनुसार, आज के युवाओं को इन अधिकारियों से सीख लेने की आवश्यकता है। राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए समर्पित जीवन ही सच्ची सफलता का मार्ग दिखाता है। शौर्य चक्र जैसे सम्मान यह साबित करते हैं कि कठिन परिस्थितियों में लिया गया साहसी निर्णय पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकता है।

प्रदेश को है गर्व

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को उनके शौर्य, साहस और समर्पण पर गर्व है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को भी देशभक्ति और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देती रहेगी।

शौर्य चक्र से सम्मानित इन दोनों अधिकारियों ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्र की सुरक्षा और जनता की सेवा के लिए समर्पित कर्म ही सबसे बड़ा सम्मान दिलाता है। उनका यह सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *