103 साल पुराना मुरूमसिल्ली बांध पूरी तरह सुरक्षित: अफवाहों पर जल संसाधन विभाग ने लगाया विराम!


मुरूमसिल्ली बांध


📰 Article (400+ शब्द, सरल और यूनिक भाषा)

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण जल संरचना मुरूमसिल्ली बांध को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट बयान जारी किया है। विभाग ने कहा है कि 103 साल पुराना यह बांध पूरी तरह सुरक्षित, मजबूत और स्थिर स्थिति में है।

मानसून के दौरान बांधों को लेकर अक्सर तरह-तरह की आशंकाएं और भ्रामक खबरें फैल जाती हैं, लेकिन इस बार विभाग ने सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।


📌 क्या है सच्चाई?

जल संसाधन विभाग के अनुसार—

  • मुरूमसिल्ली बांध पूरी तरह सुरक्षित है
  • किसी भी प्रकार की दरार या संरचनात्मक क्षति नहीं है
  • बांध की दीवारें और मुख्य ढांचा मजबूत स्थिति में हैं
  • सभी तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए हैं

📌 उच्च स्तरीय तकनीकी निरीक्षण

बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ टीम ने हाल ही में विस्तृत निरीक्षण किया। इस टीम में शामिल थे—

  • मुख्य अभियंता
  • अधीक्षण अभियंता
  • कार्यपालन अभियंता
  • अनुविभागीय अधिकारी

निरीक्षण के दौरान—

  • तटबंधों की स्थिति की जांच की गई
  • जल निकासी प्रणाली (स्लुइस गेट्स) का परीक्षण किया गया
  • संरचनात्मक मजबूती का आकलन किया गया

रिपोर्ट में बांध को पूरी तरह सुरक्षित बताया गया।


📌 मानसून को लेकर तैयारी तेज

मानसून के दौरान संभावित जोखिमों को देखते हुए विभाग ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है—

  • तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा कार्य जारी
  • रेनकट (मिट्टी कटाव) रोकने के लिए विशेष उपाय
  • लगातार निगरानी और तकनीकी निरीक्षण

यह सभी कार्य नियमित सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा हैं।


📌 जल प्रबंधन पर भी फोकस

विभाग केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि जल प्रबंधन पर भी ध्यान दे रहा है। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है—

  • मुरूमसिल्ली बांध में लगभग 130.07 एमसीएम (80.29%) जल संग्रहण
  • गंगरेल जलाशय में लगभग 325.95 एमसीएम (42.50%) जल संग्रहण

अधिक पानी होने की स्थिति में नियंत्रित तरीके से जल को गंगरेल जलाशय की ओर छोड़ा जा रहा है ताकि भविष्य में पेयजल और सिंचाई संकट न हो।


📌 विभाग की अपील

जल संसाधन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि—

  • सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें
  • केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें
  • बिना पुष्टि की खबरें साझा न करें

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