रात में सड़कों पर पीछा, पुलिस से सांठगांठ… फरीदाबाद के आर्यन मिश्रा की हत्या के आरोपी का सोशल मीडिया क्या कहता है?

हरियाणा के फरीदाबाद में गो-तस्करी के शक में 12वीं कक्षा के छात्र आर्यन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल कौशिक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कौशिक के बारे में खुलासा हुआ है कि वह अपने बाहुबल का प्रदर्शन करने के लिए अक्सर रात में वाहनों का पीछा करता रहा है. 

अनिल कौशिक (38) पुलिस से अपनी सांठगांठ दिखाने और अपने क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए अक्सर रात में इसी तरह वाहनों का पीछा करता था. कौशिक ने अपने चार दोस्तों के साथ भी इसी तरह 25 किलोमीटर तक आर्यन मिश्रा की कार का पीछा किया था और गो-तस्कर के शक में बाद में उसे गोली मार दी थी. 

लेकिन अब कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि वह महज शक के आधार पर इतनी लंबी दूरी तक वाहनों का पीछा क्यों करता था? कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और गांव की सड़कों पर इस तरह पीछा करना कौशिक के संगठन Live for Nation के सदस्यों के लिए सामान्य है. कौशिक ने आठ साल पहले इस ऑर्गेनाइजेशन को रजिस्टर कराया था.

सोर्स इंटेलिजेंस की टीम ने इस घटना के वीडियो का रिव्यू किया है, जिससे पता चलता है कि अनिल कौशिक अक्सर गो-तस्करों को पकड़ने के लिए रात में ट्रक, मिनी ट्रक, जीप और कारों का पीछा करता था. 

कौशिक के यूट्यूब चैनल पर तीन साल पहले पोस्ट किए गए एक वीडियो में उनकी टीम दावा कर रही है कि उन्होंने रात में 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से अपनी कार की टक्कर दूसरे वाहन से कर दी थी. इसी तरह इन्होंने आगरा और मथुरा के बीच 60 किलोमीटर तक एक वाहन का पीछा किया था. 

अनिल कौशिक ने अपने सोशल मीडिया पर गो-तस्कर मोनू मनेसर के साथ तस्वीरें भी पोस्ट की है. मनेसर पिछले साल दो मुस्लिमों की हत्या का आरोपी है. कौशिक ने पुलिस के साथ मिलकर गो-तस्करी के खिलाफ कई ऑपरेशन भी शुरू किए. इसकी की तसवीरें कौशिक ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है. 

हरियाणा के फरीदाबाद में आर्यन मिश्रा अपने दोस्तों हर्षित और शैंकी के साथ डिनर करने के लिए बाहर गया था. आरोपियों अनिल कौशिक, वरुण, कृष्णा, आदेश और सौरभ ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि 23 अगस्त की रात को उन्हें सूचना मिली कि दो एसयूवी में सवार कुछ संदिग्ध गो-तस्कर शहर में टोह ले रहे हैं. आरोपियों ने छात्र आर्यन मिश्रा और उसके दोस्त शैंकी और हर्षित को गलती से गो-तस्कर समझ लिया और दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर गदपुरी टोल के पास कई किलोमीटर तक उनकी कार का पीछा किया.

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जब आर्यन से कार को रोकने के लिए कहने पर उसने कार की रफ्तार बढ़ा दी, जिसके बाद उन्होंने पलवल में गदपुरी टोल के पास उस पर गोली चला दी, जिससे 12वीं में पढ़ने वाले आर्यन की मौके पर ही मौत हो गई.

बता दें कि हर्षित डस्टर गाड़ी चला रहा था, आर्यन उसके बगल में आगे की सीट पर बैठा था. शैंकी और दो लेडीज पीछे बैठी थीं. करीब 25 किलोमीटर तक गाड़ी चलाने के बाद हर्षित टोल प्लाजा पर एक बैरियर को तोड़ता हुआ आगे निकल गया. तभी हमलावरों ने गाड़ी पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसमें एक गोली पीछे की खिड़की को भेदती हुई आर्यन को जा लगी. शुरुआती गोली के बाद हर्षित ने गाड़ी रोकी, लेकिन हमलावरों ने आर्यन के सीने में एक और गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

इस बीच सभी पांचों आरोपियों को शहर की एक अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस ने उनके अवैध हथियार और अपराध में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है.

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