उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अपनी पहली तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष अनुरोध पर एक उच्च स्तरीय SIT जांच के कड़े आदेश दे दिए हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि SIT की फाइनल जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी तरह की भ्रामक और गैर-जरूरी बयानबाजी से पूरी तरह बचें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस पूरे मामले में जो भी असल अपराधी होगा, वह किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी बिना नाम लिए बहुत करारा और तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में निहत्थे राम भक्तों और निर्दोष कार सेवकों पर गोलियां चलवाई थीं, वे आज उपदेश दे रहे हैं।
योगी ने सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि अगर किसी के पास कोई पुख्ता सबूत हैं, तो वह SIT को सौंपे। उन्होंने रामभक्तों को भरोसा दिलाया है कि केवल 15 दिन का और इंतजार करें, इस जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर ओछी राजनीति करने वाले विपक्षी नेताओं को सीएम योगी ने बहुत ही कड़े शब्दों में उचित जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले खूंखार माफियाओं की कब्र पर जाकर फातिया पढ़ते थे, वे अब हमें रामभक्ति का पाठ सिखा रहे हैं।
अयोध्या में जय श्री राम का पवित्र नारा लगाने वालों पर लाठियां बरसाने वाली पार्टी आज राम भक्तों के अपमान की झूठी बातें कर रही है। कांग्रेस और सपा के इस ऐतिहासिक दोगलेपन को पूरा देश देख रहा है और जनता इनका असली सच बहुत अच्छी तरह से जानती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रामलला के बेशकीमती हार, चरण पादुका और अन्य चढ़ावे की चोरी की निष्पक्ष जांच बहुत तेजी से चल रही है। SIT की जांच टीम हर एक छोटे-बड़े पहलू को बहुत ही बारीकी से देख रही है जिससे पूरा सच जल्द ही सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि किसी को भी बिना वजह पवित्र अयोध्या को बदनाम करने या किसी निर्दोष का चरित्र हनन करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियां अपना काम बहुत ही ईमानदारी, पारदर्शिता और पूरी सख्ती के साथ बिना किसी दबाव के कर रही हैं।
सीएम योगी ने देशभर के रामभक्तों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के महान आदर्शों की याद दिलाई और अपना संयम बनाए रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि हमारे साहसी पूर्वजों ने इस पवित्र स्थल को वापस पाने के लिए पूरे 500 सालों तक बहुत कड़ा और लंबा संघर्ष किया है।
इसलिए अब सभी लोग मात्र 15 दिन और धैर्य रखें ताकि इस मामले के असली और शातिर गुनहगारों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। उत्तर प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भव्य राम मंदिर की गरिमा और करोड़ों भक्तों की गहरी आस्था को कोई भी ठेस न पहुंचा सके।