95% दिव्यांग भूपाली के जीवन में आई नई रोशनी, व्हीलचेयर मिलते ही चेहरे पर लौटी मुस्कान

Wheelchair

उत्तर बस्तर कांकेर जिले में समाज कल्याण विभाग की संवेदनशील पहल ने एक दिव्यांग बालिका के जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। जन्म से चलने-फिरने में असमर्थ 15 वर्षीय भूपाली को विभाग द्वारा व्हीलचेयर प्रदान की गई, जिससे अब उसके लिए दैनिक जीवन की कई मुश्किलें आसान हो जाएंगी।

व्हीलचेयर मिलने के बाद भूपाली के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। यह सहायता न केवल उसके आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि उसे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

जन्म से दिव्यांग है भूपाली

समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भूपाली 95 प्रतिशत दिव्यांगता से ग्रसित है। वह जन्म से ही चलने-फिरने में असमर्थ है। इसके साथ ही उसकी लंबाई भी सामान्य बच्चों की तुलना में कम है, जिसके कारण उसे रोजमर्रा के कामों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

परिवार की स्थिति और उसकी विशेष जरूरतों को देखते हुए विभाग ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

व्हीलचेयर से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता

व्हीलचेयर मिलने के बाद अब भूपाली को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में काफी सुविधा होगी। पहले जहां उसे हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वह कई कार्य स्वयं कर सकेगी।

व्हीलचेयर मिलने से होंगे ये फायदे

  • आवागमन में सुविधा
  • आत्मविश्वास में वृद्धि
  • शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी आसान
  • परिवार पर निर्भरता में कमी
  • जीवन की गुणवत्ता में सुधार

यूडीआईडी पंजीयन भी कराया गया

भूपाली को केवल व्हीलचेयर ही नहीं दी गई, बल्कि उसका यूडीआईडी (Unique Disability ID) पंजीयन भी कराया गया है। इससे उसे भविष्य में दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

साथ ही अधिकारियों ने पात्रता के अनुसार दिव्यांग पेंशन की प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं, जिससे उसे नियमित आर्थिक सहायता मिल सके।

80 वर्षीय गयाबाई को मिला श्रवण यंत्र

समाज कल्याण विभाग ने केवल भूपाली की ही मदद नहीं की, बल्कि 80 वर्षीय गयाबाई ताम्रकार को भी तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया।

गयाबाई को लंबे समय से सुनने में परेशानी हो रही थी, जिससे उन्हें लोगों से संवाद करने और दैनिक कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

श्रवण यंत्र मिलने के बाद

  • लोगों की बातें सुनने में आसानी होगी।
  • संवाद स्थापित करना सरल होगा।
  • दैनिक गतिविधियों में सुविधा मिलेगी।
  • सामाजिक जीवन बेहतर होगा।

समाज कल्याण विभाग की सराहनीय पहल

समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की यह पहल उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्रयास जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्रदान करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *